Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

Samvidhan divas par kavita

कविता-भारत संविधान दिवस 26 नवंबर को मना रहा है हर भारतीय नागरिक के लिए 26 नवंबर का दिन खास है …


कविता-भारत संविधान दिवस 26 नवंबर को मना रहा है

Samvidhan divas par kavita

हर भारतीय नागरिक के लिए 26 नवंबर
का दिन खास है यह दिन है जब देश को
संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को
विधिवत अपनाया था

यही वह संविधान है जो हमें एक आजाद देश का
आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है
जहां संविधान के लिए मौलिक अधिकारों को
हमारी ढाल बन कर हमें हमारा हक दिलाता हैं

आजादी का अमृत महोत्सव प्रगतिशील भारत के
75 वर्ष संस्कृति उपलब्धियों के गौरवशाली
इतिहास को मनाने और याद करने के लिए
भारत की एक पहल है याद दिलाते हैं

26 नवंबर को हम संविधान दिवस
बड़े उत्साह उल्लास से मना रहे हैं
देश संविधान की ताकत से चल रहा है
सबसे बड़े लोकतंत्र की खूबसूरती सरल है

जनअभियान बनाने जनभागीदारी सुनिश्चित करने
दो पोर्टल विकसित किए गए हैं 23 भाषाओं में
संविधान प्रस्तावना ऑनलाइन वाचन
संविधान लोकतंत्र ऑनलाइन प्रश्नावली सरल है

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

आधे अधूरे अरमान- जयश्री बिरमी

December 10, 2021

आधे अधूरे अरमान अरमानों की चाह में दौड़ी हुं बहुत इश्क की भी तो थी चाहत गहरी चाहतों में घीरी

रघुवीर सहाय पर कविता- सुधीर श्रीवास्तव

December 10, 2021

 जन्मदिन विशेषरघुवीर सहाय नौ दिसंबर उन्नीस सौ उनतीस लखनऊ में जन्में थे रघुवीर सहाय, उन्नीस सौ इक्यावन में लखनऊ विश्वविद्यालय से

शान_ए–वतन- जयश्री बिरमी

December 9, 2021

सादर समर्पित उन्हे जो चले गए शान_ए–वतन ऐसा नहीं कि तुम लौट कर ना आओ तुम बिन तो हमारी सीमाएं

शहीद कविता-नंदिनी लहेजा

December 9, 2021

शहीद शत नमन, आपके जीवन को,जिसे आपने, देश के नाम किया।हैं धन्य हमारे, वीर जवान,जिन्होंने प्राणों का, अपने दान किया।

कोई हल तो होगा- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

December 8, 2021

कोई हल तो होगा भुखमरी मिटाने के लाख दावों के बावजूदनाकाम रही हैं सरकारें अब तकसब लोगों तक दो जून

कुर्सी का चक्कर है प्यारे .- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

कुर्सी का चक्कर है प्यारे …!!! गढ़नें वाले गढ़ते रहे विपक्ष -पक्ष की बातें ।कितनें पीछे छूट गए ना लिखी

Leave a Comment