Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Samvedna viheen hm dr hare krishna mishra

 संवेदना विहीन हम   संवेदना विहीन हम  बांट पाय दर्द कौन। अनाथ तो बना गया, प्रकृति भी मौन क्यों ? दर्द …


 संवेदना विहीन हम 

Samvedna viheen hm dr hare krishna mishra

 संवेदना विहीन हम 

बांट पाय दर्द कौन।

अनाथ तो बना गया,

प्रकृति भी मौन क्यों ?

दर्द क्यों एक को

बाकी हम हैं कौन ?

मनुष्य है वही की जो

अनाथ के लिए मरे। ।।

दर्द है देश का,

फिर भी हम मौन हैं 

फर्ज क्या बाप का

बेटा क्यों मौन है ?

काल का ग्रास बना,

बच्चे अनाथ हुए। 

बांटेगा दर्द कौन

हम तो मौन हैं ।।

विधि का विधान क्या

देश का नौनिहाल क्या

करेगा विचार कौन

कैसा तनाव है ?

शर्म तो बेशर्म है

हम पे कलंक है ।

मानव के नाम पर

कहां आज हम हैं। ?

लिखने का और भी,

आज मेरा मन है। 

बोझ तो बहुत है

क्या करूं सोच कर ।

विवेक भी है कहां

संस्कार तो गौण है ।

पाश्चात्य के रंग में,

रंग गया स्वदेश है ।।

लौटना है हमें,

अपने देश प्रेम में,

वाह्य का साथ क्या

अपना भी मौन है। ।।

चलो चलें हम,

प्रकृति की गोद में

शुरू करें हम,

प्रार्थना चैतन्य की। ।।

सभ्यता से दूर दूर,

संस्कृति को छोड़ छोड़

मिलेगा ना चैन कहीं

मां भारती से दूर दूर। ।।

       तथास्तु,,,,,,, डॉ हरे कृष्ण मिश्र


Related Posts

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

Leave a Comment