Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Samaj ki tasveer by Sudhir Srivastava

 समाज की तस्वीर समाज की तस्वीर का बखान क्या करें साहब ? समाज कोई वस्तु तो है नहीं जो किसी …


 समाज की तस्वीर

Samaj ki tasveer by Sudhir Srivastava

समाज की तस्वीर का

बखान क्या करें साहब ?

समाज कोई वस्तु तो है नहीं

जो किसी कारखाने में निर्मित हुई है।

अपने आपको देखिये

फिर चिंतन मनन कीजिये

आपने समाज बनाने की

जितनी जिम्मेदारी निभाई होगी

वैसी ही तस्वीर  समाज की

आपको स्पष्ट नजर आयेगी।

समाज की तस्वीर देखने से पहले

अपने आप में झाँकिए हूजूर

समाज की तस्वीर

साफ साफ नजर आयेगी,

आपकी शराफत और बेहयाई की

सारी कहानी खुद ब खुद

आँखों के सामने 

आइने की तरह साफ दिख जायेगी।

◆ सुधीर श्रीवास्तव

      गोण्डा, उ.प्र.

   8115295921

©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

कविता– उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !

September 22, 2022

कविता- उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !  उस दिन बहुत गहमागहमी थी  जब एक हास्य कलाकार

सोच को संकुचित होने से बचाएं।

September 21, 2022

सोच को संकुचित होने से बचाएं। अपनी सोच को संकुचित ना होने दें,इस अपार समझ को कभी ना खोने दें,असीम

मेरी दर्द ए कहानी

September 19, 2022

मेरी दर्द ए कहानी ना हो कभी किसी की भी मेरी तरह जिंदगानीना हो कभी किसी कीमेरी तरह आंखों में

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं

September 17, 2022

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं अपने आपको सहज़ता से जोड़ो सहज़ता में संस्कार उगते हैं सौद्राहता प्रेम वात्सल्य पनपता है

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

September 17, 2022

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया टेबल के नीचे पैसे लेकर परिवार बढ़ाया कितना भी समेट

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

September 17, 2022

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती हैसमय आने पर मां रणचंडी दुर्गा,

PreviousNext

Leave a Comment