Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Sagarbha stree ke aahar Bihar by Jay shree birmi

 सगर्भा स्त्री के आहार विहार दुनियां के सभी देशों में गर्भवती महिलाओं का विशेष ख्याल रखा जाता हैं। जाहेर वाहनों …


 सगर्भा स्त्री के आहार विहार

Sagarbha stree ke aahar Bihar by Jay shree birmi

दुनियां के सभी देशों में गर्भवती महिलाओं का विशेष ख्याल रखा जाता हैं। जाहेर वाहनों और यातायात में उनके लिए जगह सुरक्षित रखी जाती हैं और सरकारें भी उनको खास नियम बना नौकरियां और अन्य जगहों पर खास इंतजाम करती हैं।कारण एक ही हैं कि उनके गर्भ में  पल रहे शिशु को कोई हानि नहीं पहुंचे।आज कल विज्ञान की प्रगति से गर्भाधान नियत करने के बहुत तरीके उपलब्ध हैं किंतु पहले के जमाने में वैद्य जी नाड़ी के दोहरी धड़कन से ही पता कर लेते थे।

      इन हालात में उनके आहार और विहार का विशेष खयाल रखना अति आवश्यक होता हैं,और उनको मानसिक स्थिति भी सही रहनी आवश्यक हैं।

 आहार में प्रोटींस की मात्रा आम औरत से ज्यादा लेनी होती हैं जिससे गर्भस्थ शिशु के शरीर का सही विकास और बंधारण हो क्योंकि प्रोटींस का कार्य शरीर में कंस्ट्रक्शन और रिकंस्ट्रक्शन का रहता हैं।वैसे ही स्नायुओं के बंधारण और प्रतिरोधक शक्तियों के लिए  विटामिन सी का लेना बहुत ही आवश्ययक  होता हैं।जो निंबू , अवला,और खट्टे फलों में से मिलता हैं, इनका सेवन जरूरी होता हैं।

वैसे ही बी कॉम्प्लेक्स ग्रुप के विटामिंस की भी जरूरत सामान्य महिलाओं से ज्यादा प्रमाण में गर्भवती महिलाओं में होती हैं।ये सभी विटामिंस अंकुरित साबूत दालों में, सब्जियों  और फलों में से मिलते हैं तो इनका रोजाना सेवन की जरूरत रहती हैं।

 वैसे सी सभी क्षारों की जरूरत होती हैं जो सभी ग्रंथियों के कार्य और शरिरी संतुलन के लिए,खून में आए रक्तकणों के लिए और शरीर के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने लिए आवश्यक हैं।ये सभी जरूरी मात्रा में मिल सके इसके लिए सुआयोजित आहार लेना चाहिए ताकि गर्भस्थ बच्चे को पूरा पोषण मिले।

 इनके अलावा कार्बोदित पदार्थ ,जो  शरीर को शक्ति प्रदान करता हैं,जो ऊर्जा का स्त्रोत्र है और सभी खाद्य पदार्थों में होता ही हैं,किंतु अनाज इत्यादि में ज्यादा उपलब्ध होता हैं।इनकी आहार के घटकों में हाजरी का समायोजन में खयाल रखना चाहिए।वैसे ही फैट का भी उचित मात्रा में लेना बहुत जरुरी हैं।ये सभी आहार के घटकों का उचित प्रमाण में आहार में समाविष्ट होना बहुत ही आवश्यक हैं।

  इनके अलावा नियमित रूप से चलना और निष्णांत की सलाह ले हल्की कवायत और योग भी कर सकतें हैं।

 और खास बात हैं दवाइयों की,क्योंकि कोई भी तकलीफ हो ही जाती हैं तो दवाई लेना जरूरी बनता हैं।लेकिन दवाई डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।कई दवाइयों का गर्भस्थ शिशु पर गलत प्रभाव भी पड़ सकता हैं,जैसे यूरिन संबंधित समस्या की दवाई रक्त परिभ्रमण को असर करने की वजह से बच्चे को पूरा पोषण नहीं मिल सकता हैं।रक्तचाप की दवाई से बच्चे में ग्लूकोज का  स्तर कम हो,धड़कन को कम कर देती हैं।रक्त संबंधित दवाइयां माता के रक्त से कैल्शियम को कम करदेती हैं,श्वास और दमे की दवाइयां बच्चे को बेचैन बना देती हैं।फेफड़े केलिए ली हुई दवाई बच्चों ग्रंथियों पर असर करती हैं।एंटीबायोटिक दवाइयां बच्चे की सुनने की शक्ति  पर असर करती हैं। एक्सरे भी हानिकारक होता हैं,इससे बच्चे में जन्मजात शारीरिक खामियां आने की शक्यता रहती हैं।

   अगर गर्भवती स्त्री अपने खान पान,व्यायाम और दवाइयों( खुद उपचार को त्याग डॉक्टरी सलाह पर ही दवाई लेने चाहिए) पर ध्यान दें तो एक तंदुरस्त और पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म दे धन्यता का अनुभव कर सकती हैं।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

Desh ka man Lekh by jayshree birmi

August 22, 2021

 देश का मान जब देश यूनियन जैक की कॉलोनी था तब की बात हैं। उस समय में भी देश को

Kahan hai swatantrata by jayshree birmi

August 22, 2021

 कहां है स्वतंत्रता खुशी मानते है हम दुनिया भरकी क्योंकि अब आया हैं स्वतंत्रता का ७५ साल, यानी कि डायमंड

Swatantrata ke Alok me avlokan by satya prakash singh

August 14, 2021

 स्वतंत्रता के आलोक में – अवलोकन  सहस्त्र वर्ष के पुराने अंधकार युग के बाद स्वतंत्रता के आलोक में एक समग्र

Ishwar ke nam patra by Sudhir Srivastava

August 7, 2021

 हास्य-व्यंग्यईश्वर के नाम पत्र    मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई

Lekh kab milegi suraksha betiyon tumhe by jayshree birmi

August 6, 2021

 कब मिलेगी सुरक्षा बेटियों तुम्हे गरीब की जोरू सारे गांव की भौजाई ये तो कहावत हैं ही अब क्या ये

seema ka samar -purvottar by satya prakash singh

August 3, 2021

सीमा का समर -पूर्वोत्तर पूर्वोत्तर की सात बहने कहे जाने वाले दो राज्यों में आज सीमा का विवाद इतना गहरा

Leave a Comment