Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sachcha sathi by Jitendra Kabir

 सच्चा साथी कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है, लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए उसका …


 सच्चा साथी

Sachcha sathi by Jitendra Kabir

कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है,

लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए

उसका हमेशा साथ देना।

खुशियों के समय तो दुनिया जश्न मनाती है,

लेकिन मुसीबतों के समय जो साथ खड़ा हो पाए

उसका हमेशा साथ देना।

अमीरी के समय तो दुनिया रिश्तेदार बनाती है,

लेकिन मुफलिसी के समय जो रिश्ता निभा पाए

उसका हमेशा साथ देना।

भुजाओं में जोर हो जब तक तो दुनिया गीत गाती है,

लेकिन बीमारी के समय जो सेवा पानी कर पाए

उसका हमेशा साथ देना।

                                     जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश 176314

संपर्क सूत्र – 7018558314

परिचय – 

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

संप्रति – अध्यापक


Related Posts

तेरे इश्क में

October 17, 2022

तेरे इश्क में तेेरे नाम से ये शामआबाद हो गया कुछ लिखने जो हम बैठेखाली दवात हो गया तुझे सोचा

दिव्य प्रकाश।

October 17, 2022

दिव्य प्रकाश। ऐसा प्रकाश हम बने,दिव्य उजाला लेकर आए,अंधेरे है जीवन में बहुत घने,हम भी थोड़ी रोशनी बन जाए। अपने

आओ मिलकर जीवन बचाएं।

October 17, 2022

आओ मिलकर जीवन बचाएं। धीरे-धीरे पर्यावरण हो रहा है प्रदूषित,वायु, जल, भूमि सब हो रहा है दूषित,बढ़ती जा रही है

गलती करो पर पछतावा नहीं।

October 17, 2022

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि

कामयाबी के शिखर

October 17, 2022

कामयाबी के शिखर हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।हमें और भी आगे बढ़ते रहना है। दीवार चाहे कोई आ जाएपहाड़

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

October 16, 2022

कविता–ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! चकरे खिलाकर बदुआएं समेटी करके भ्रष्टाचार परिवार सहित सुखी रहोगे जब छोड़ोगे भ्रष्टाचार अब भी

PreviousNext

Leave a Comment