Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

laghukatha, story

Sabse nalayak beta lagukatha by Akansha rai

 लघुकथासबसे नालायक बेटा डॉक्टर का यह कहना कि यह आपरेशन रिस्की है जिसमें जान भी जा सकती है,मास्टर साहब को …


 लघुकथा
सबसे नालायक बेटा

Sabse nalayak beta lagukatha by Akansha rai

डॉक्टर का यह कहना कि यह आपरेशन रिस्की है जिसमें जान भी जा सकती है,मास्टर साहब को विचलित कर देने वाली बात थी ।आपरेशन के बिना रोग के बढने का खतरा था अतः बहुत सोच-विचारकर मास्टर साहब ने यह आपरेशन करवाने का फैसला लिया था।आज आपरेशन थियेटर में जाते हुए मास्टर साहब के चेहरे पर मृत्यु का भय स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

शायद डॉक्टर ने भी इस भय को ताड़ लिया था अतः उसने मास्टर साहब को सहज करने के लिए बातचीत शुरू करते हुए पूछा-आपके परिवार में कौन-कौन है सर?मास्टर साहब हल्की सी मुस्कुराहट के साथ बोले-जी,बहुत बड़ा परिवार है।तीन बेटे-बहू और सात पोते-पोतियाँ।

‘सब लोग साथ में रहते हैं?’

‘नहीं, बड़े बेटे और सबसे छोटे बेटे का परिवार साथ में रहता है।मँझला बेटा रेलवे में है तो वह अपने परिवार के साथ बाहर ही रहता है।’

‘अच्छा,बाकी दो बेटे क्या काम करते हैं?’

‘जी,बड़ा बेटा तो खेती करता है और सबसे छोटा बेटा किसी काम का नहीं है।किसी काम में उसका मन ही नहीं रमता।’

‘आपके साथ यहाँ हास्पिटल में कौन आया है सर?’

‘जी,और किसको फुर्सत है अपने काम से।छोटा वाला ही नालायक और निकम्मा है,जिसके पास कोई काम नहीं है…..यह कहते-कहते मास्टर साहब बेहोशी की दवा की गिरफ्त में आ चुके थे।तभी दरवाजे पर हाथों में आपरेशन की सामग्री तथा आँखों में आंसू लिए मास्टर साहब के छोटे बेटे ने दस्तक दी।

डाक्टर ने सामग्री लिया तथा बेटे को बाहर इंतजार करने को बोलकर आपरेशन थिएटर का दरवाजा बंद कर लिया।

-आकांक्षा राय


Related Posts

Story – prayatnsheel | प्रयत्नशील

December 28, 2023

प्रयत्नशील भोजन के पश्चात विश्वामित्र ने कहा, ” सीता तुम्हें क्या आशीर्वाद दूँ, जो मनुष्य अपनी सीमाओं को पहचानता है,

Story – praja Shakti| प्रजा शक्ति

December 28, 2023

प्रजा शक्ति  युद्ध का नौवाँ दिन समाप्त हो चुका था। समुद्र तट पर दूर तक मशालें ही मशालें दिखाई दे

Story- bhagya nirmata |भाग्य निर्माता

December 28, 2023

भाग्य निर्माता काली अँधेरी रात में राम जाग रहे थे, यह वर्षा ऋतु उन्हें शत्रु प्रतीत हो रही थी ।यह

Ram Sita aur laxman ka sapna| राम , सीता और लक्ष्मण का सपना

December 28, 2023

राम , सीता और लक्ष्मण का सपना  पूर्णाहुति के पश्चात ऋषि पत्नी मंच पर खड़ी हो गईं , “ आप

Story – Ram Sita | राम सीता

December 28, 2023

राम सीता  बनवास में रहते हुए दस वर्ष हो चुके थे , इतने वर्ष घर से दूर रहने के कारण

Story- Ram ka nayay| राम का न्याय

December 28, 2023

राम का न्याय गोधूलि का समय था , सीता ने कुटिया के मुख्य द्वार से देखा , बहुत से ग्रामीण

Leave a Comment