Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sabka andaz badal gaya by Jitendra Kabeer

 सबका अंदाज बदल गया है पहले दिख जाते थे बच्चे आस-पड़ोस, गली-मोहल्ले में दिन-दिन भर खेलते कूदते शोर मचाते, मोबाइल …


 सबका अंदाज बदल गया है

Sabka andaz badal gaya by Jitendra Kabeer

पहले दिख जाते थे

बच्चे आस-पड़ोस, गली-मोहल्ले में

दिन-दिन भर खेलते कूदते शोर मचाते,

मोबाइल के आने से 

अब उनका व्यवहार ही बदल गया है,

दुबके रहते हैं घर के 

किसी कोने में मोबाइल पकड़कर,

बाहर जाकर साथियों के साथ खेलने का

आजकल रिवाज बदल गया है।

पहले दिख जाते थे

लोग अपने घर-परिवार में इकट्ठे होकर

देर तक कई मामलों पर चर्चा करते,

मोबाइल के आने से

अब उनका व्यवहार बदल गया है,

एक ही कमरे में बैठे परिवार के सदस्य

विशेष दिनों की बधाई देते हैं

सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को,

आपस में विचारों के आदान-प्रदान का

आजकल अंदाज बदल गया है।

                                 जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

द्विधा में लोकतंत्र- जयश्री बिरमी

January 7, 2022

 द्विधा में लोकतंत्र  विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को

सुबह- चन्दा नीता रावत

January 7, 2022

। । सुबह ।। सुबह सवेरे जब रात ढले सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आतीपृथ्वी के हरे चादर पर लालिमा

गगन की बुलन्दीयो को छुना- चन्दानीता रावत

January 7, 2022

गगन की बुलंदियों को छूना हैं  उड़ना है हमे उड़ना हैगंगन की बुलंदियों को छूना हैआँखो के हसीन ख्वाब कोवास्तविकता कर जीना

जानना – चन्दानीता रावत

January 7, 2022

।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी

Leave a Comment