Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Sab rajneeti ki bhet Chadh jayega by jitendra kabir

 सब राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या …


 सब राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा

Sab rajneeti ki bhet Chadh jayega by jitendra kabir

बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा

तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी,

खिलाड़ी या फिर वैज्ञानिक बनकर

अपने माता-पिता, खानदान का नाम

रौशन कर जाएगा,

इतना बुद्धिमान व मेहनती होने के बावजूद

किसी भी विभाग में 

वो पद किसी जुगाड़ू नेता से नीचे ही पाएगा,

हर हथकंडे में माहिर वो नेता

अपने मिजाज के हिसाब से उसे 

जब चाहे तब हड़काएगा और बेचारे 

उस मेधावी इंसान का भरोसा प्रतिभा व मेहनत से

उठता जाएगा।

बहुत देशभक्त होगा अगर किसी का बच्चा

तो देश के लिए तन मन धन समर्पित करके

अपनी मातृभूमि का झंडा समस्त विश्व में

लहरा कर जाएगा,

इतना सबकुछ करके आखिरकार वो भी एक दिन

नेताओं की घटिया राजनीति का शिकार 

बन जाएगा,

कोई  चालाक नेता उसके बलिदान से जनता के

वोट बटोर जाएगा और कोई विपक्षी नेता उसकी

नीयत पर सवाल उठा वोट जुटाने का

जुगाड़ भिड़ाएगा,

कुछ इसी तरह एक देशभक्त का बलिदान

राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।

                                              जितेन्द्र ‘कबीर’

                                              

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Man mastishk kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 मन-मस्तिष्क मन-मस्तिष्क में उमड़ते-घुमड़ते, विचारों की शृंखला। कितनी उलझी-सुलझी गुत्थियां , उठते-गिरते विचार । *** कितनी लहरें सुख-दुःख की समांई

Meghmala kavita by dr. H.K Mishra

August 6, 2021

 मेघमाला आते जाते देखा है अपनो को , सुख दुख को देखा जीवन में , राह नया कुछ रचती चल

Tanashahi pravitti kavita by Jitendra Kabir

August 6, 2021

 तानाशाही प्रवृत्ति हर कोई चाहता है कि सहमत हों, सब उसके विचारों  और कर्मों से, उसके मन-मुताबिक ही दुनिया चले,

Sochne se kuch nahi hoga by Jitendra kabir

August 6, 2021

 सोचने से कुछ नहीं होगा जब तक रहेगा कोई नया, अच्छा व क्रांतिकारी विचार हमारे दिमाग में ही, व्यवहारिक रूप

Beti ki taqat kavita by Sudhir Shrivastava

August 6, 2021

 बेटी की ताकत बिटिया मैंनें जन्मा है तुझे तेरा जीवन भी संवारुँगी, पढ़ा लिखाकर काबिल बनाऊँगी तुझे तेरी पहचान दिलाऊँगी,

Premchand samaj ke chitere by Indu kumari

August 4, 2021

 प्रेमचंद समाज के चितेरे गोरी सुरत घनी भौहें नाक नुकीले छोटी आँखें गुच्छी हुई बड़ी- बड़ी मूछें प्यारी मुस्कान चेहरे

Leave a Comment