Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Saari the great by Jay shree birmi

 साड़ी द ग्रेट  कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा हैं।दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में …


 साड़ी द ग्रेट

Saari the great by Jay shree birmi

 कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा हैं।दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में साड़ी पहने आई एक सन्नारी को अंदर आने से रोका गया,जी ये दिल्ली का रेस्टोरेंट हैं कोई विदेशी नहीं।क्या भारतीय परिधानों में सब से शालीन साड़ी के साथ ऐसा दूरव्यवहार शोभनीय हैं क्या?

 अपने देश के हरेक प्रांत में साड़ी खूब प्रचलित हैं,चाहे पहनने के तरीके अलग अलग हो। जैसे बंगाल में बिना चुन्नट के बांधी जाने वाली साड़ी भी खूब सजती हैं।गुजरात में पहनी जाने वाली सीधे पल्लू वाली साड़ी भी खूब सजती हैं।महाराष्ट्र में पहनी जाने वाली नौ गज की साड़ी भी खूब फबती हैं।

वैसे साड़ी की लंबाई ५ मीटर होना सामान्य हैं किंतु हरेक प्रांत में उनकी परंपरा के हिसाब से लम्बाई होती हैं।दक्षिण और राजस्थान  में आधी लंबाई वाली साड़ी अलग ही तरीके से पहनी जाती हैं जिसमे घाघरें का घेरा ज्यादा होता हैं।

वैसे शादी ब्याह और धार्मिक प्रसंग और तेहवारों में साड़ी पहनने का अपना महत्व हैं। साड़ियां सिंथेटिक,सूती,सिल्क , ज्योर्जेट और दूसरे कई मेटिरियल्स से बनती हैं।अब तो रेडी टू वियर साड़ियां भी मिलने लगी हैं।

   कुछ सालों तक साडियों का चलन कम हो गया था किंतु अब फैशन में साड़ियां वापस लौट रही हैं।सभी देशों का पहनावां उस देश की आबोहवा के अनुकूल ही होता हैं,इसलिए फैशन के लिए तो ठीक हैं किंतु अपना पहनावा बदलना कितना वाजिब होगा।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

umra aur zindagi ka fark by bhavnani gondiya

July 18, 2021

उम्र और जिंदगी का फर्क – जो अपनों के साथ बीती वो जिंदगी, जो अपनों के बिना बीती वो उम्र

mata pita aur bujurgo ki seva by bhavnani gondiya

July 18, 2021

माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा के तुल्य ब्रह्मांड में कोई सेवा नहीं – एड किशन भावनानी गोंदिया  वैश्विक रूप से

Hindi kavita me aam aadmi

July 18, 2021

हिंदी कविता में आम आदमी हिंदी कविता ने बहुधर्मिता की विसात पर हमेशा ही अपनी ज़मीन इख्तियार की है। इस

Aakhir bahan bhi ma hoti hai by Ashvini kumar

July 11, 2021

आखिर बहन भी माँ होती है ।  बात तब की है जब पिता जी का अंटिफिसर का आपरेशन हुआ था।बी.एच.यू.के

Lekh ek pal by shudhir Shrivastava

July 11, 2021

 लेख *एक पल*         समय का महत्व हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है।इसी समय का सबसे

zindagi aur samay duniya ke sarvshresth shikshak

July 11, 2021

 जिंदगी और समय ,दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक जिंदगी, समय का सदा सदुपयोग और समय, जिंदगी की कीमत सिखाता है  जिंदगी

Leave a Comment