Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Risto ki buniyad by Sudhir Srivastava

 रिश्तों की बुनियाद   हर पर्व परंपराएं, मान्यताएं रिश्तों की बुनियाद मजबूत करते हैं ठीक वैसे ही हर तीज त्योहार …


 रिश्तों की बुनियाद

Risto ki buniyad by Sudhir Srivastava

 

हर पर्व परंपराएं, मान्यताएं

रिश्तों की बुनियाद मजबूत करते हैं

ठीक वैसे ही हर तीज त्योहार भी

रिश्तों को प्रगाढ़ता देते हैं।

हमारे समाज में 

हर तीज त्योहार के केंद्र में हैं 

हमारी माँ, बहन, बेटियां

हमारी नारी शक्तियां।

इनके बिना किसी त्योहार का

भला मतलब ही क्या है?

कभी भाई, तो कभी बेटा

कभी पति तो कभी परिवार की खातिर

तिल तिल होम करती 

आ रहीं हैं खुद को

हमारी नारी शक्तियां।

महज विश्वास भर है

जिसकी बदौलत खिलखिलाता 

सारा जहान है,

रौनक है परिवार, समाज और 

समूची धरा पर।

जोड़ती हैं सूत्र सूत्र, सूत्रधार बन

सजाती, संवाँरती जतन करती रहती हैं,

बहुत कुछ सहती हँसते हुए

मजबूत करने की जुगत में

सदा रिश्तों की बुनियाद।

✍ सुधीर श्रीवास्तव
       गोण्डा, उ.प्र.
   8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

व्यंग्य कविता-क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं| kyuki Mai shashan ka jawai raja hun

December 10, 2022

यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय कर्मचारियों का शासन पद चेयर में अभूतपूर्व सम्मान हरे गुलाबी की बारिश जनता पर ठस्का समाज

हिम्मत ना हारो | Himmat na haro

December 2, 2022

हिम्मत ना हारो | Himmat na haro मत कहो तुमसे तय जिंदगी का सफ़र ना होगा,मैं बताता हूं कैसे डूबकर

प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita

December 1, 2022

प्रेम प्रसंग प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita एक छोटा सा शब्द हॉं! फिर बिखरी हुई जिंदगी।मंदिर मस्जिद दुआ

मैं मुस्कुराना सीखी हूं| mai muskurana seekhi hun| kavita

December 1, 2022

मैं मुस्कुराना सीखी हूं| mai muskurana seekhi hun| kavita मैं मुस्कुराना सीखी हूं दर्द को छुपा कर गम को दफनाकर

Samvidhan divas par kavita

November 25, 2022

कविता-भारत संविधान दिवस 26 नवंबर को मना रहा है हर भारतीय नागरिक के लिए 26 नवंबर का दिन खास है

Maa| माँ | maa par kavita

November 25, 2022

माँ |Maa Maa par kavita  माँ ममता की खान है,माँ दूजा भगवान है ।माँ की महिमा अपरंपार,माँ श्रेष्ठ-महान है ।।

PreviousNext

Leave a Comment