Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Rishta apna by Dr hare Krishna Mishra

 रिश्ता अपना अर्धांगिनी उत्तराधिकारिनी , मेरे जीवन की कामिनी , बहती आई अंतस्थल में , पावन निर्मल गंगा जैसी  ।। …


 रिश्ता अपना

Rishta apna by Dr hare Krishna Mishra

अर्धांगिनी उत्तराधिकारिनी ,

मेरे जीवन की कामिनी ,

बहती आई अंतस्थल में ,

पावन निर्मल गंगा जैसी  ।।

गंगा की शुचि दर्पण पर,

मेरी स्मृति के पट पर,

स्वर्ग लोक से चलकर आई,

मेरे साथ निभाने को। ,

चलो मिलकर आकलन करें

कितनी दूरी पर हैं  हम ,

कौन कहां पिछड़ा जीवन में,

सबसे नंबर मेरा कम।  ।।

चल मिलकर संतोष करेंगे,

जीवन में अब रखा क्या है,

मेरे संपूर्ण समर्पण में ,

तेरा ही प्रतिदान मिला है   ।।

आवरण बरन कर चली गई,

छोड़ जिंदगी, कर हमें विकल,

अवसाद नहीं मिटता कोई क्षण,

बचा नहीं अब हम में दम ।।

किसअतीत की पीड़ा को ,

ढो कर लाया हूं जीवन में,

मिटा  सकोगी मेरी पीड़ा ,

कैसे इस भवबंधन  से  ।?

अटूट है मेरा बंधन अपना ,

रिश्ता भी आजीवन का ,

चिंता सदा किया करता हूं,

अपनी ही  खुदगर्जी का   ।।

मानव मन का विश्लेषण क्या,

बहुत कमी है जीवन में ,

सत्य सदा स्वीकार करें,

आगे भी कोई अपना है।  ।।

मौलिक कृति

                    डॉ हरे कृष्ण मिश्र

                    बोकारो स्टील सिटी

                    झारखंड ।


Related Posts

नफरत की आग

June 24, 2022

 नफरत की आग जितेन्द्र ‘कबीर’ आग! आग से बुझती नहीं कभी, बुझती है रेत या फिर पानी से, नफरत की

ईश्वर क्या है?

June 24, 2022

 ईश्वर क्या है? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक उम्मीद है! कुछ अच्छा होने की, अपने जीवन में कठिनाइयों से जूझते इंसान के

ऐसे बदलाव नहीं आएंगे

June 24, 2022

 ऐसे बदलाव नहीं आएंगे जितेन्द्र ‘कबीर’ सिर्फ इसलिए कि हमें बुरा लगता है देखना… देश को दंगे-फसादों में जलते हुए,

कोई क्या कर पाएगा?

June 24, 2022

 कोई क्या कर पाएगा? जितेन्द्र ‘कबीर’ बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या

दुनियादारी

June 24, 2022

 दुनियादारी जितेन्द्र ‘कबीर’ बड़े खुश थे सभी चुप रहा करते थे जब तक, जरा सी जुबान जो खोली तो शिकवे

लूट मची है लूट

June 24, 2022

 लूट मची है लूट जितेन्द्र ‘कबीर’ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जो छोटे-बड़े ‘कुकुरमुत्ते’ उग आए हैं अवसर पाकर,

PreviousNext

Leave a Comment