Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Ravan ko har bar aana hai by komal Mishra

रावण को हर बार आना है रावण लौट आया है,  मन बड़ा घबराया है।  छोटी को कहा था,  बाहर मत …


रावण को हर बार आना है

Ravan ko har bar aana hai by komal Mishra

रावण लौट आया है, 

मन बड़ा घबराया है। 

छोटी को कहा था, 

बाहर मत जाना!! 

रावण आने वाला। 

सुनती नहीं है मेरी, 

करती रहती है मनमानी। 

कहती है कहाँ तक रूकूँ मैं?? 

बोलो कहाँ तक छुपूँ मैं?? 

बताओ किस-किस कि नजरों से, 

मुझे ख़ुद को बचाना है?? 

रावण आएगा तो, 

ख़ुद को कहाँ छुपाना है। 

तब सोचती हूँ मैं, 

हर बार तो आता है, 

किसी एक को निगल ही जाता है। 

पर हम चुप रहते हैं और कहते हैं, 

तू बाहर मत जा !!! 

हमें बस अपनी इज्जत बचाना है, 

रावण को तो हर बार आना है।। 

कुचल कर किसी सीता को, 

फ़िर चले ही जाना है।

रावण को तो हर बार आना है, 

हमें बस पुतले जलाना है।। 

– कोमल मिश्रा ‘प्रयागराज’


Related Posts

माशूका धरती- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

माशूका धरती मुहब्बत क्या होती हैपूछो वीर जवानों से कुर्वानियों की निशानेपूछो ये जमाने से बलिदानों की महकफिजाओं में फैल

उसका साथ हमेशा देना-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

 उसका साथ हमेशा देना कामयाबी के समय तो दुनिया साथ देती है,संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाएउसका साथ

पश्चाताप की अग्नि सुधीर श्रीवास्तव-

December 15, 2021

पश्चाताप की अग्नि स्तब्ध रह गया धरा गगन मौन हो गये जन के बोल, निष्ठुर ईश्वर तूने खेलाक्यों ऐसा अनचाहा

वीर जवान- डॉ इंदु कुमारी

December 15, 2021

वीर जवान धरती ने उपजाई हैफसलें अब तक जितने सबसे ऊपर है जिसमेंकहते हैं वो है कोहनूर अनमोल रत्नों में

सफलता के मंत्र – चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

।। सफलता के मंत्र ।। सफलता के मंत्रो को हमेगुनगुनाना है राहों के काटों से हँस कर गुजरजाना है संकल्प

ऐ नदी ऐ नदी- चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदीकल कल करती बहती है किनारो पर तुम्हारे जिन्दगी बसा करती हैविशाल रूप

Leave a Comment