Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

deshbhakti, kishan bhavnani, poem

Rastrprem par kavita| Aao rastra prem janjagran karayen

कविता-आओ राष्ट्र प्रेम जनजागरण कराएं आओ साथ मिलकर राष्ट्र प्रेम का जनजागरण कराएं हमारी परम्पाओं सभ्यताओं कलाकृतियों में आस्था दर्शाए …


कविता-आओ राष्ट्र प्रेम जनजागरण कराएं

Rastrprem par kavita| Aao rastra prem janjagran karayen

आओ साथ मिलकर राष्ट्र प्रेम
का जनजागरण कराएं
हमारी परम्पाओं सभ्यताओं
कलाकृतियों में आस्था दर्शाए

भारत राष्ट्र प्रेम संस्कृति का ख़जाना है
यह कभी भी कम ना हो पाए
घर घर में जाकर भारतीय राष्ट्र प्रेम
संस्कृति दिल से अपनाने का मंत्र दिलाएं

बच्चों युवाओं में भारतीय राष्ट्र प्रेम
संस्कृति के प्रति प्रोत्साहन करवाएं
हमेशा याद दिलवाएं हम अपनी
विरासत की जड़ों को भूल न जाएं

डटकर लड़ना होगा हमें
पाश्चात्य संस्कृति से
ऐसा संकल्प करवाएं
हम अपनी जड़ों को भूल ना जाएं

पारंपरिक कला शैलियों को कायम रखने
हम ऐसा मिलकर रास्ता अपनाएं
बेहतर जिंदगी की तलाश में
हम अपनी जड़ों को भूल ना जाएं

हम देख रहे हैं कैसे शहरीकरण स्वदेशी
लोककला शैलियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं
बड़े बुजुर्गों की बातों को छोड़
पाश्चात्य संस्कृति अपना रहे हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

Aankhe by nandini laheja

August 25, 2021

आँखें मन के भावों को बिना शब्द,किसी तक पहुंचाए। कभी प्रश्न कहे,कभी दे स्वयं उत्तर,यही तो नयनो की भाषा कहलाये।

Pushp by priya dewangan

August 25, 2021

“पुष्प” लाली पीली बैगनी, बागों खिलते फूल।उपवन में रहते सभी, कलियाँ जाती झूल।।कलियांँ जाती झूल, प्रेम की बात बताती।अपनी खुशबू

Anuttarit sawal by sarla soni ( Meera krishna)

August 25, 2021

“अनुत्तरित सवाल” सवाल ये नहीं कि कौन किस ख़ेमे के साथ हैसवाल ये है किकौन देश के अपमान पर मौन

Bandhan na rahega koi by indu kumari

August 25, 2021

 बंधन न रहेगा कोई मीरा के श्याम राधा के संग रहे हमेशा मीरा को नहीं मलाल हर पल जोहती बाट

Sabse lachar prani byJitender Kabir

August 25, 2021

 सबसे लाचार प्राणी अच्छा कोई काम करे  अगर उनका दल तब तो जायज है फिर भी प्रशंसा के अतिरेक में

Koi ek bhi mil jaye by Jitendra Kabeer

August 25, 2021

 कोई एक भी मिल जाए ऐसे समय में  जबकि चाहत आम है बहुत लोगों में कि सबके दिलों पर वो

Leave a Comment