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Rastrprem par kavita| Aao rastra prem janjagran karayen

कविता-आओ राष्ट्र प्रेम जनजागरण कराएं आओ साथ मिलकर राष्ट्र प्रेम का जनजागरण कराएं हमारी परम्पाओं सभ्यताओं कलाकृतियों में आस्था दर्शाए …


कविता-आओ राष्ट्र प्रेम जनजागरण कराएं

Rastrprem par kavita| Aao rastra prem janjagran karayen

आओ साथ मिलकर राष्ट्र प्रेम
का जनजागरण कराएं
हमारी परम्पाओं सभ्यताओं
कलाकृतियों में आस्था दर्शाए

भारत राष्ट्र प्रेम संस्कृति का ख़जाना है
यह कभी भी कम ना हो पाए
घर घर में जाकर भारतीय राष्ट्र प्रेम
संस्कृति दिल से अपनाने का मंत्र दिलाएं

बच्चों युवाओं में भारतीय राष्ट्र प्रेम
संस्कृति के प्रति प्रोत्साहन करवाएं
हमेशा याद दिलवाएं हम अपनी
विरासत की जड़ों को भूल न जाएं

डटकर लड़ना होगा हमें
पाश्चात्य संस्कृति से
ऐसा संकल्प करवाएं
हम अपनी जड़ों को भूल ना जाएं

पारंपरिक कला शैलियों को कायम रखने
हम ऐसा मिलकर रास्ता अपनाएं
बेहतर जिंदगी की तलाश में
हम अपनी जड़ों को भूल ना जाएं

हम देख रहे हैं कैसे शहरीकरण स्वदेशी
लोककला शैलियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं
बड़े बुजुर्गों की बातों को छोड़
पाश्चात्य संस्कृति अपना रहे हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


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