Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Rastriye shiksha shadyantra ka shikar by satya prakash singh

राष्ट्रीय शिक्षा षड्यंत्र का शिकार भारत में राष्ट्रीय शिक्षा निम्न वर्ग के लिए अत्यंत महंगी होती जा रही है। भारत …


राष्ट्रीय शिक्षा षड्यंत्र का शिकार

Rastriye shiksha shadyantra ka shikar by satya prakash singh

भारत में राष्ट्रीय शिक्षा निम्न वर्ग के लिए अत्यंत महंगी होती जा रही है। भारत में समाज का एक तबका उच्च तकनीकी शिक्षा से कोसों दूर खड़ा हुआ है। संविधान के अनुच्छेद 21 ए में शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा प्राप्त है परंतु निम्न वर्ग के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना राष्ट्र के समक्ष एक गंभीर चुनौती है। शिक्षा का औद्योगिक करण समाज को बढ़ने पनपने में विकट समस्या खड़ी कर दे रही है। नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा सूत्र दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों का सदैव यह आरोप रहता है की सरकार ने त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से शिक्षा का संस्कृतिकरण कर दिया है। नवोदित शिक्षा की उन्नति यथेष्ट अवसर प्रदान करने के बजाय  निम्न वर्ग का उच्च शिक्षा प्राप्त करने का दायरा सिमटता जा रहा है। स्वतंत्र भारत में आज अंग्रेजों की समय की “अधोमुखी निस्यंदन” का सिद्धांत परिलक्षित हो रहा है की शिक्षा उच्च वर्ग से छनकर निम्न वर्ग की ओर जाए। जहां तक मेरा मानना है राष्ट्र को शिक्षा के उदारवादी परंपरा की बौद्धिक क्रांति की नीति को अपनाना चाहिए ताकि निम्न वर्ग को उच्च शिक्षा प्रदान करना राष्ट्र का प्रमुख ध्येय होना चाहिए। यह तो सच है कि निम्न वर्ग की शिक्षा का चिंतन इतिहास के जिस दौर में प्रस्तुत किया गया उस समय वह उभरते हुए पूंजीवाद का शिकार हो गया परंतु आज के युग में निम्न वर्ग की शिक्षा संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत निहित है। राष्ट्र की राष्ट्रीय शिक्षा नीति उस राज्य मर्मज्ञ कलाकार के समान होनी चाहिए जिसमें शिक्षार्थी अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रयोग राष्ट्र के विकास के लिए कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बौद्धिक  क्रांति अभिजाततंत्रीय सहयोग से ही संभव है। जिससे समाज का हर वर्ग ज्ञान के सद्गुण की सीढ़ी चढ़े।

मौलिक लेख
 सत्य प्रकाश सिंह 
केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रयागराज उत्तर प्रदेश


Related Posts

देश को जलाने में मीडिया कितना जिम्मेदार’/desh ko jalane me media kitna jimmedar

July 30, 2022

‘देश को जलाने में मीडिया कितना जिम्मेदार’/desh ko jalane me media kitna jimmedar आज देश की दुर्दशा पर रामधारीसिंह दिनकरजी

देश का बुरा सोचने वालों का देश की प्रगति में कितना योगदान?

July 29, 2022

 (देश का बुरा सोचने वालों का देश की प्रगति में कितना योगदान?) बयानबाज़ी करने में हर इंसान माहिर है, आज

आम इंसान की परेशानियां| Problems of common man

July 27, 2022

 “आम इंसान की परेशानियां” आज आम इंसान के हालातों पर रोटी कपड़ा और मकान फ़िल्म के गानें की चंद पंक्तियाँ

प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman

July 26, 2022

 प्रथम नारी जासूस को नमन/pratham naari jasoos ko naman       २६ जुलाई को जिनकी पुण्य तिथि है ,उन

लैंगिक असमानता आख़िर कब तक|gender inequality

July 25, 2022

“लैंगिक असमानता आख़िर कब तक” “महिलाएं भूमि अधिग्रहण कानून को समझो और अपने हक और अधिकार के लिए आगे आओ”

पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर/ padhai ke liye hostal sahi ya ghar

July 24, 2022

 “पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर”/padhai ke liye hostal sahi ya ghar प्राचीन काल में बच्चों को गुरूकुलों में

Leave a Comment