Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Rakshabandhan by mainudeen kohri

रक्षा बंधन सदियों सेरक्षाबंधन का पर्वजात-पांत से ऊपर उठकरपुनीत पर्व को मनाते हैं । राष्ट्रहित मेंसमाज के हर वर्ग के …


रक्षा बंधन

Rakshabandhan by mainudeen kohri

सदियों से
रक्षाबंधन का पर्व
जात-पांत से ऊपर उठकर
पुनीत पर्व को मनाते हैं ।

राष्ट्रहित में
समाज के हर वर्ग के लोग
हिल मिल कर
इस पर्व को मनाते हैं

बहनें अपने भाइयों की
कलाई पर
राखी का धागा बांध
पवित्र पर्व मनाते हैं ।

भाई से ये कामना करती हैं
संकट की घड़ी मे
जब भी होती है बहन
याद दिलाने को यह पर्व मनाते है ।

रक्षा भाई करेंगे ,इतिहास गवाह है
रानी कर्णावती ने हुमायूँ को
राखी भेजी थी पर अपवाद साबित हुआ ।
बहन -भाई यह पर्व संकल्प के रूप में मनाते है।

यह पर्व भाई बहन के
पावन पवित्र बंधन को
उनके प्यार को अक्षुण रखता है
यह पर्व धागे को प्रतीक मान मनाते है ।
=======================
मईनुदीन कोहरी ” नाचीज बीकानेरी “
बीकानेर , राजस्थान मो 9680868028
========================


Related Posts

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम

Leave a Comment