Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Rakshabandhan by Anita Sharma

 रक्षाबंधन सालभर के इन्तजार के बाद  आता राखी का त्यौहार है। रेशम के धागों में सजता  भाई-बहिन का प्यार है। …


 रक्षाबंधन

Rakshabandhan by Anita Sharma

सालभर के इन्तजार के बाद 

आता राखी का त्यौहार है।

रेशम के धागों में सजता 

भाई-बहिन का प्यार है।

प्रेम की पवित्रता का सोपान

रक्षाबंधन का त्यौहार है।

विविध रंगों और उमंगो के

सावन की फुहार और झूलो से

खुशियों की मुस्कान से सजता

राखी का त्यौहार है।

बचपन की खट्टी मीठी यादें,

कभी लड़ाई कभी मनुहार ।

सबसे पवित्र रिश्ते का धागा,

है भाई -बहिन का प्यार ।

साल भर के इन्तजार के साथ

रेशम के धागोंसे बढ़ता भाई बहन का प्यार है।।

–अनिता शर्मा झाँसी

__मौलिक रचना


Related Posts

अकेली होती कहां

June 24, 2022

 अकेली होती कहां डॉ. इन्दु कुमारी मेरे तो सब साथी  मैं अकेली होती कहां  हवा से भी बातें करती  पेड़

जल संरक्षण

June 24, 2022

 जल संरक्षण डॉ. इन्दु कुमारी जल ही जीवन है जीवन के संजीवन है इसे बचाना पुण्य कार्य  यही असली जनसेवार्थ।

लहरों से दोस्ती महंगी पड़ी हुज़ूर ज्वार उठा ऐसा की तैरना जानते हुए भी शख्सियत मेरी किनारे लगी

June 23, 2022

 “लहरों से दोस्ती महंगी पड़ी हुज़ूर ज्वार उठा ऐसा की तैरना जानते हुए भी शख्सियत मेरी किनारे लगी” भावना ठाकर

कितना कठिन होता है ना? माँ होना

June 23, 2022

 कितना कठिन होता है ना? माँ होना सिद्धार्थ गोरखपुरी बचपने से सबको खुश कर देना और जवां होना। बस उँगलियों

कविता – छाँव सा है पिता

June 23, 2022

 कविता – छाँव सा है पिता सिद्धार्थ गोरखपुरी गलतफहमी है के अलाव सा है पिता घना वृक्ष है पीपल की

कविता -आँखें भी बोलती हैं

June 23, 2022

 कविता -आँखें भी बोलती हैं सिद्धार्थ गोरखपुरी न जीभ है न कंठ है कहने का न कोई अंत है दिखने

PreviousNext

Leave a Comment