Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Pyar ke rang by Indu kumari

 शीर्षक- प्यार के रंग सावन की पहली फुहार प्रकृति में  फैले    हैं हौले- हौले मंद बयार प्यार के रंग …


 शीर्षक- प्यार के रंग

Pyar ke rang by Indu kumari

सावन की पहली फुहार

प्रकृति में  फैले    हैं

हौले- हौले मंद बयार

प्यार के रंग घोले हैं

सुहावनी- सी काली घटा

इधर- उधर ही डोले हैं

रुक रुक कर बरस रही 

छम छम धुन सुरीले हैं

पूरे शवाब पर है मौसम

ये सावन के झूले हैं

इश्क मुहब्बत के रंगो ने

प्रेमियों के सर चढ़ बोलें हैं

कामदेव संग रति रानी

दिल उनके हिंडोले हैं

हरी साड़ी में लिपटी 

अवनि रंग- रंगीले हैं

प्रिय मिलन है अनोखी

प्रियतम तो अलबेले हैं

कौतूहल होते हैं मन में

प्यारे तेरे बात रसीले हैं

        स्व रचित अप्रकाशित रचना

डॉ. इन्दु कुमारी

               हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार


Related Posts

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

सवाल और जवाब

June 24, 2022

 सवाल और जवाब जितेन्द्र ‘कबीर’ सवाल! बिगड़ती कानून व्यवस्था का हो या फिर उन्मादी भीड़ हिंसा का, विवादास्पद कानूनों का

कौन है अच्छा इंसान?

June 24, 2022

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना

जो कम लोग देख पाते हैं

June 24, 2022

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और

PreviousNext

Leave a Comment