Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Pyar ke rang by Indu kumari

 शीर्षक- प्यार के रंग सावन की पहली फुहार प्रकृति में  फैले    हैं हौले- हौले मंद बयार प्यार के रंग …


 शीर्षक- प्यार के रंग

Pyar ke rang by Indu kumari

सावन की पहली फुहार

प्रकृति में  फैले    हैं

हौले- हौले मंद बयार

प्यार के रंग घोले हैं

सुहावनी- सी काली घटा

इधर- उधर ही डोले हैं

रुक रुक कर बरस रही 

छम छम धुन सुरीले हैं

पूरे शवाब पर है मौसम

ये सावन के झूले हैं

इश्क मुहब्बत के रंगो ने

प्रेमियों के सर चढ़ बोलें हैं

कामदेव संग रति रानी

दिल उनके हिंडोले हैं

हरी साड़ी में लिपटी 

अवनि रंग- रंगीले हैं

प्रिय मिलन है अनोखी

प्रियतम तो अलबेले हैं

कौतूहल होते हैं मन में

प्यारे तेरे बात रसीले हैं

        स्व रचित अप्रकाशित रचना

डॉ. इन्दु कुमारी

               हिन्दी विभाग

मधेपुरा बिहार


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment