Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Premchand samaj ke chitere by Indu kumari

 प्रेमचंद समाज के चितेरे गोरी सुरत घनी भौहें नाक नुकीले छोटी आँखें गुच्छी हुई बड़ी- बड़ी मूछें प्यारी मुस्कान चेहरे …


 प्रेमचंद समाज के चितेरे

Premchand samaj ke chitere by Indu kumari

गोरी सुरत घनी भौहें

नाक नुकीले छोटी आँखें

गुच्छी हुई बड़ी- बड़ी मूछें

प्यारी मुस्कान चेहरे पे सोहे

 विपरीत काल भी मुख न मोड़े

दीनों के दाता और मसीहा

दुखों को स्वयं देखा सहा

धनपत राय नाम कहाया

31 जुलाई 1880 में आया

वाराणसी के गांव लम्ही

अजायब लाल मां आनंदी

घर आए छोटे नबाब

माँ के पूरे हुए ख्वाब

पर वो रहने लगी बीमार

छोड़ वो गई स्वर्ग सिधार

जरूरत थी मिला न प्यार

टूट चुका दुखों का पहाड़

विमाता का सुन फटकार 

बदले नहीं उनके व्यवहार

ये थे एक अदभुत बालक

जमायी वो अपनी धाक

कलम की जादुई तोप से 

वैरियों को लगा आघात

पैनी नजरों से बचे नहीं

चाहे हो कोई जमात

कफन गोदान आदि

है सजीवता का प्रमाण

पीढी- पीढी याद करेगी

साहित्यकार थे नहीं है महान

दुनिया करती है गुणगान

   स्व रचित

          डॉ. इन्दु कुमारी

हिन्दी विभाग

        मधेपुरा बिहार


Related Posts

मदर्स डे विशेष -माँ की दुआएं

May 6, 2022

मदर्स डे विशेष माँ की दुआएं घर से सफर करने निकलना हो । माँ को जहन में रख निकला करो

कविता-मां ही जन्नत

May 6, 2022

कविता-मां ही जन्नत न मैं मंदिर पुजू न मस्जिद और न ही गुरूद्वारा,मां के चरणों में ही समाई है देखो

कविता-समाज में और जागरूकता लाए !

May 6, 2022

समाज में और जागरूकता लाए ! समाज में जागरूकता लाए,सभी को शिक्षित बनाए,बेटियों को बराबरी का दर्जा दिलाए, समाज में

कविता – कोयले की किल्लत

May 6, 2022

कविता -कोयले की किल्लत कोयले नें राजनीतिक माहौल में गर्मी लाई कमीं दूर अपनी आइडिया समस्याएं बतलाईअंतरराष्ट्रीय बाजार की बात

मुस्कान के मरहम से नासूरों को सजाती हूँ”

May 4, 2022

मुस्कान के मरहम से नासूरों को सजाती हूँ सुकून को संभालना आसान नहीं बड़े नाज़ों से पालती हूँ, ज़ख़्मों के

कविता-आपनो राजस्थान!

May 2, 2022

 आपनो राजस्थान! रेतीली मरुस्थलीय भूमि,ऊंट पर बैठकर सवारी, जीवंत संस्कृति,जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है विशिष्ट पहचानम्हारों रंगीलों

PreviousNext

Leave a Comment