Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Prem prateek by jayshree birmi

प्रेम प्रतीक गहने शरीर का सिंगार हैं तो गुण आंतरिक शक्ति और सिंगार भी हैं।अच्छा स्वभाव और सकारात्मक विचारों से …


प्रेम प्रतीक

Prem prateek by jayshree birmi

गहने शरीर का सिंगार हैं तो गुण आंतरिक शक्ति और सिंगार भी हैं।अच्छा स्वभाव और सकारात्मक विचारों से जीवन सरल बन जाता हैं,जटिलता नहीं रहती।सरल जीवन स्वास्थ्य को भी ठीक रखता हैं। उलझनों में उलझा इन्सान सभी के जीवन को कष्टमय बना देता हैं।तो क्यूं ना हम अपने मन को सकारात्मकता से सजाएं जैसे गहनों से तन को सजाते हैं।

वैसे भी नारी को सजने का  जन्मसिद्ध अधिकार हैं ,जिसमे पावों के बिच्छुओं से लेकर मांग के टीके तक सभी गहनों को सम्मिलित कर लो तो सोचो कितने गहने पहन सकती हैं नारी? पैरो में पायल,पांव की उंगलियों में बिछुए,कमर में करधनी ,हाथों में चूड़ियां,कंगन और हाथ की उंगलियों में अंगूठियां।बाजू पर बाजूबंद,गले में जंजीर, कंठी और हार–जो गले सटा भी हो सकता हैं या लंबा भी किसी भी लंबाई का हो सकता हैं। कानों में बूंदे,कुंडल जो कान सेर से सलग्न हो,और उसके ऊपर कनपट्टी के बूंदे ,और मांग में टिकें जो अनेक प्रकार और डिजाइन में मिलते,इतने गहनों की सूची करने के बावजूद कई गहनों के नाम छूट गए होंगे तो ये हैं भारतीय सिंगार शास्त्र।

ये सभी गहने सोने या चांदी के बने होते हैं लेकिन सब से ज्यादा पसंद किए जाते हैं रत्न जड़ित गहने जो सोने के पीले रंग के साथ उनकी सुंदरता और निखर जाती हैं।चाहे वह नीलम हो,पना हो,मानेक हो,पुखराज हो या हीरा हो ,इन सभी को जब सोने में जड़ा जाता हैं तो उनकी खूबसूरती बढ़ जाती हैं।

लेकिन हीरा तो सदा बहार हैं ,न ही उसका फैशन जाता हैं और न ही जायेगा कभी।सोने में खोट मिला सकते हैं लेकिन हीरा दगा नहीं देगा वह वफादारी का प्रतीक माना जाता हैं।पुरुष अपने प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए हीरे का ही गहना देना पसंद करता हैं।नारी को रिझाने के लिए गहनें और वो भी हीरे के तो वह मोरनी की तरह नाच उठेगी। हीरे का महत्व तो भगवान कृष्ण के सिंगार में आने से और भी बढ़ जाता हैं।

गहने  कपडें सदा स्त्रियों के प्रिय रहें हैं और उनके साथ सजना संवरना सभी प्रसंगों पर स्त्रीयों को शोख होता हैं।और एक प्रतिस्पर्धा भी,जब कोई शादी या पार्टी में लोग मिलते हैं तो पुरुष वर्ग तो अपने काम धंधे या राजकरण की बात करेंगे किंतु स्त्रियां सिंगार और एकदूसरे के गहने कपडें और उनकी क़ीमत और फैशन की बाते ही करेगी।

सिंगार और गहनों का महत्व भारतीय नारीयों में अधिक ही हैं जो शायद दुनियां में कहीं भी देखने नहीं मिलेगा।हमारे देश में धनतेरस के दिन लाखों करोड़ों के सोने की खरीदारी होती हैं जिनमे सोने और चांदी के गहनें और हीरों से जड़ित गहने हैं।

यहीं हैं हमारे देश के पुरुषों का प्रेम व्यक्त करने का तरीका।प्रेम प्रतीक हैं ये,नारी के सम्मान का स्वगतपूर्ण तरीका जो हमेशा ही कायम रहेगा।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

किस दिशा में जा रहे है हम

May 18, 2022

“किस दिशा में जा रहे है हम” “नहीं देखी ज़हर की नदियाँ कहीं, पर आज हर इंसान की वाणी से

विश्व हाइपर टेंशन दिवस को क्यूँ न जश्न दिन के तौर पर मनाएं

May 17, 2022

“विश्व हाइपर टेंशन दिवस को क्यूँ न जश्न दिन के तौर पर मनाएं” “क्यूँ इतना सोचता है हर बात पर

वक्त कभी किसी का सगा नहीं!!

May 17, 2022

वक्त कभी किसी का सगा नहीं! वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है – हम खुद अपने पुराने और

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई 2022 पर विशेष

May 17, 2022

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई 2022 पर विशेष संग्रहालय की शक्ति – सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संस्कृतियों के संवर्धन, आपसी समझ सहयोग

अगर जीतना स्वयं को, बन सौरभ तू बुद्ध

May 15, 2022

 अगर जीतना स्वयं को, बन सौरभ तू बुद्ध !! (बुद्ध का अभ्यास कहता है चरम तरीकों से बचें और तर्कसंगतता

ताजमहल या तेजोमहल

May 14, 2022

 “ताजमहल या तेजोमहल” इतने सालों बाद इस विवाद को जन्म देने का कारण समझ में नहीं आ रहा। ये कोई

Leave a Comment