Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Pramanikta by Jay Shree birmi

 प्रामाणिकता भ्रष्टाचार और अप्रमाणिकता सुसंगत नहीं हैं।भ्रष्टाचारी भी उसको रिश्वत देने वाले की ओर प्रमाणिक हो सकता हैं, तभी वह …


 प्रामाणिकता

Pramanikta by Jay Shree birmi

भ्रष्टाचार और अप्रमाणिकता सुसंगत नहीं हैं।भ्रष्टाचारी भी उसको रिश्वत देने वाले की ओर प्रमाणिक हो सकता हैं, तभी वह किसी का भी कोई  काम अपने हक के दायरे से बाहर जाके भी करे वो भी कोई धन या रिश्वत की लालच से तो उसे भ्रष्टाचार ही कहेंगे क्योंकि वह अपने पद का अनुचित फायदा उठा कर करते हैं।

 भ्रष्टाचार एक संगठित प्रक्रिया हैं,एक सिस्टेमिक प्रक्रिया हैं।

 अपने   उपर वाला  या सबसे उपर वाला नेता या अधिकारी हर जगह अपना आदमी रख जासूसी करवाते  हैं,कौन से डिपार्टमेंट से कौनसा काम मंजूर हुआ और किसका काम मंजूर हुआ।किसने सरकारी ज़मीन के आवंटन के लिए अर्जी दी,कौन से कोटे से किसको क्या क्या मिला सब हिसाब रखा जाता हैं।

बाद में काम की कीमत का आकलन होता हैं और उसमें कितना कट मनी मिल सकता हैं? उसका भी लेखा जोखा लिया जाता हैं।

 हर लेवल पर सब के हिस्से होते हैं,जितना लेवल ऊंचा परसेंटेज ज्यादा होता हैं।

ऐसे में भ्रष्टाचार में भी प्रामाणिकता से कार्य होता दिखता हैं।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

आखिर क्यों बदल रहे हैं मनोभाव और टूट रहे परिवार?

August 5, 2022

आखिर क्यों बदल रहे हैं मनोभाव और टूट रहे परिवार? भौतिकवादी युग में एक-दूसरे की सुख-सुविधाओं की प्रतिस्पर्धा ने मन

कितने सच है अफसरों पर जवानों की आत्महत्या के आरोप ?

August 5, 2022

कितने सच है अफसरों पर जवानों की आत्महत्या के आरोप ? आखिर क्यों दुश्मन की छाती चीरने वाले बन जाते

संसद न चलने से आखिर किसको है नुकसान?

August 5, 2022

संसद न चलने से आखिर किसको है नुकसान? एक सांसद क्या कर रहा है, इसकी उचित जांच और ऑडिट की

महिला लेखिकाओं की विडम्बना

August 5, 2022

“महिला लेखिकाओं की विडम्बना” भले आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हो पर हमारे समाज में महिला लेखिकाओं

स्वतंत्रता कहीं स्वछंदता न बन जाए

August 5, 2022

 स्वतंत्रता कहीं स्वछंदता न बन जाए “तोल-मोल के बोल मानव वाणी को न व्यर्थ खोल, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मिश्री

चाँद तोड़ कर कोई आपकी हथेली पर नहीं रखने वाला

August 5, 2022

 “चाँद तोड़ कर कोई आपकी हथेली पर नहीं रखने वाला” अस्तित्व और हक की जंग तो कीड़े मकोडे भी लड़ते

Leave a Comment