Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

poem- phul sa jis ko mai samjha

 poem- phul sa jis ko mai samjha    तुमको चाहा तुमको पायातुमको मैंने खो दियाजब भी तेरी याद आईसीपी शायर …


 poem- phul sa jis ko mai samjha   

तुमको चाहा तुमको पाया
तुमको मैंने खो दिया
जब भी तेरी याद आई
सीपी शायर रो दीया

कसमें वादे सब थे झूठे
तुम खफा हो हम हैं रूठे
रूठ कर भी जी लिया
जब भी तेरी याद आई
सीपी शायर रो दीया

वह तुम्हारा बाबू प्यारा
जीत कर भी जीत हारा
प्यार में सब लुट गया
दिल के अरमां आंसुओं में
आंखों से बह गया

इस मोहब्बत को ना समझा
फूल सा जिस को मैं समझा
कांटो सा वह चुभ गया
जब भी तेरी याद आई
सीपी शायर रो दीया
poem- phul sa jis ko mai samjha

चन्द्र प्रकाश गौतम
मीरजापुर उत्तर प्रदेश
Mail – cp8400bhu@gmail.com

tumko chaha tumko paya
tumko maine kho diya
jab bhi teri yad aayi
c.p. shayar ro diya

kasme vaade sab they jhoothe
tum khafan ho hum hai roothe
rooth kar bhi jee liya
jab bhi teri yad aayi
c.p. shayar ro diya

vah tumhara bahu pyara
jeet kar bhi jeet haara
pyar me sab lut gya
dil ke arman anshuwo me
ankho se beh gya

is mohabat ko na samjha
phool sa jisko mai samjha
kanton sa vah chubh gya
jab bhi teri yad aayi
c.p. shayar ro diya


Related Posts

मतदाता जागरूकता पर कविता

March 25, 2022

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे

सुहानी शाम- डॉ इंदु कुमारी

March 25, 2022

सुहानी शाम जिंदगी में सुरमईशाम आ जाएउदासी की समंदर मेंएक उफान आ जाएदुख भरी दिनों में भीसुर्ख होठों परमुस्कान आ

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

March 25, 2022

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

सफर- मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी”

March 25, 2022

सफर “जिंदगी का सफर”पेड़ की छाया जिस तरह इधर से उधर जाती है ।आदमी की जिंदगी भी सुख-दुख में कट

कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी

March 25, 2022

कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

March 25, 2022

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो

Leave a Comment