Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Rajesh Shukla

poem on village in hindi | गांव पर कविता

कविता-देखो कितने गांव बदल गए…। हर देहात के ताव बदल गए,देखो कितने गांव बदल गए। कुआ बाबड़ी ,पानी भूले ,देखो …


कविता-देखो कितने गांव बदल गए…।

कविता-देखो कितने गांव बदल गए...।
हर देहात के ताव बदल गए,
देखो कितने गांव बदल गए।

कुआ बाबड़ी ,पानी भूले ,
देखो तो तालाब बदल गए।

खेड़ापति अब नहीं खुले में,
गुम्बद और सिढाव बदल गए।

कक्का मम्मा छोड़ बाई सब,
अंकल बन कर भाव बदल गए।

धोती कुर्ता छोड़ के गमछा,
जीन्स पहन,पहनाव बदल गए।

पहन सलूका थी इठलाती,
हर शबाब के ख्बाव बदल गए।

गांवों के संस्कार हैं बदले,
लोगों के वरताब बदल गए।

रेडचीफ के जूते पहने,
खेत तक जाते पांव बदल गए।

राजेश शुक्ला ,सोहागपुर


Related Posts

Chunav ka mausam by Anita Sharma

November 7, 2021

 चुनाव का मौसम लो चुनाव का समय आया छीटा कशी व्यंग्य का दौर। * सबको अपनी कुर्सी का मोह चुनाव

Deep sang Noor damka by Anita Sharma

November 7, 2021

 दीप संग नूर दमका  दीपो संग चेहरे पर नूर दमका है। कहीं सजना का प्यार छलका है । उनकी नजरों

Bhaiya dooj by Sudhir Srivastava

November 7, 2021

 भैयादूज कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भैया दूज होता है, इसी दिन चित्रगुप्त जी का पूजन भी होता

Suhagin by Anita Sharma

November 7, 2021

सुहागिन चेहरे पर मुस्कान बताती आल्हादित मन झूम रहा। सदा सलामत रहे खुशियाँ  दुआ यही ईश्वर से मेरी। चेहरे पर

आम्रपाली

October 23, 2021

 आम्रपाली  मां  ऐसी क्या मजबूरी थी  जो जन्म देते ही मुझे आम्रवन मे छोड़ कर चली गई  शायद मेरे नसीब.

पति – पत्नी का रिश्ता

October 23, 2021

 पति – पत्नी का रिश्ता दुनिया में बहुत से लोग पति – पत्नी के रूप में  साथ साथ रहे एक

Leave a Comment