Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

Pita ke pyar par kavita

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ …


कविता-पिता का प्यार अनमोल है

Pita ke pyar par kavita
पिता का प्यार अनमोल है

पर वह कभी जताते नहीं
बच्चों के लिए सब कुछ
करते हैं पर बताते नहीं

पिता की ज्ञानवर्धक बातों को
अनुशासन से समझते नहीं
पिता के लिए कोई शब्द नहीं
इसलिए कोई लिख पाते नहीं

परिवार की ज़वाबदारी का कितना
बोझ है उन पर यह बताते नहीं
बच्चों के लिए मेहनत मजदूरी
करते हैं कभी शर्माते नहीं

अक्सर बच्चे और युवा पिता के प्यार
को गहराई से समझते नहीं
पिता का साथ देख कर
उत्साह वर्धन करते नहीं

बच्चों का जीवन सुखमय बनाने
परेशानियों से टकराते थकते नहीं
कैसे समझाएं आज के युवाओं को
पिता का छुपा हुआ प्यार देखते नहीं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

व्याकुल अंतर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 13, 2022

व्याकुल अंतर प्रीत निभाती रात गई बित , जोड़ जोड़ कर सपने-अपने,बंद आंखों में मिलन यामिनी ,हुई भोर तो साथ

कान्हा तू काहे करत मनमानी -सरस्वती मल्लिक

January 13, 2022

कविता : कान्हा तू काहे करत मनमानी कान्हा तू काहे करत मनमानी बार -बार समझाया तुझकोफिर भी एक न मानीनित

प्रेरणा- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

प्रेरणा कहने सुनने में छोटा सा शब्द मगर भाव बड़ा है, किसी की अंधेरे में डूबती जिंदगी मेंउम्मीद की किरण

बता रहा है धुआँ – सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 7, 2022

शीर्षक – बता रहा है धुआँ आदमी अंदर और बाहर उड़ा रहा है धुआँ तिल -तिल फेफड़ों को सड़ा रहा

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

Leave a Comment