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kishan bhavnani, poem

Pita ke pyar par kavita

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ …


कविता-पिता का प्यार अनमोल है

Pita ke pyar par kavita
पिता का प्यार अनमोल है

पर वह कभी जताते नहीं
बच्चों के लिए सब कुछ
करते हैं पर बताते नहीं

पिता की ज्ञानवर्धक बातों को
अनुशासन से समझते नहीं
पिता के लिए कोई शब्द नहीं
इसलिए कोई लिख पाते नहीं

परिवार की ज़वाबदारी का कितना
बोझ है उन पर यह बताते नहीं
बच्चों के लिए मेहनत मजदूरी
करते हैं कभी शर्माते नहीं

अक्सर बच्चे और युवा पिता के प्यार
को गहराई से समझते नहीं
पिता का साथ देख कर
उत्साह वर्धन करते नहीं

बच्चों का जीवन सुखमय बनाने
परेशानियों से टकराते थकते नहीं
कैसे समझाएं आज के युवाओं को
पिता का छुपा हुआ प्यार देखते नहीं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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