Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

patra-mere jeevan sath by sudhir srivastav

पत्र ●●● मेरे जीवन साथी हृदय की गहराईयों में तुम्हारे अहसास की खुशबू समेटे आखिरकार अपनी बात कहने का प्रयास …


पत्र

●●●

मेरे जीवन साथी

patra-mere jeevan sath by sudhir srivastav

हृदय की गहराईयों में तुम्हारे अहसास की खुशबू समेटे आखिरकार अपनी बात कहने का प्रयास कर रहा हूँ।यह सही है कि मुझे गुस्सा कुछ अधिक ही आता है, मैं समझता भी हू्ँ, पर क्या करूँ तुम साथ होती तो शायद कुछ बदलाव हो भी जाता ,पर ये नापाक पाक के समझ में कहाँ आता है?
पाकिस्तान सिर्फ़ हमारे मुल्क का ही नहीं कहीं न कहीं हम दोनों का भी दुश्मन है।वह तो बस जैसे इसी ताक में रहता है कि इधर हम अपनी महरानी के पास पहुंचे और वो बार्डर पर कुछ न कुछ बघेड़ा खड़ा कर दे।हमारा दुर्भाग्य देखो कि जब जब लम्बी छुट्टियां मिली भी ,ये नापाक पाक कबाब में हड्डी बन ही जाता है।मगर तुम निराश मत हो, मैं भी अपनी टुकड़ी के साथ उनकी की नाक में दम करता रहता हूँ।खैर…छोड़ो।
मैं कह नहीं पा रहा हू्ँ फिर भी कोशिश कर रहा हू्ँ।ये अलग बात है कि हम दोनों दाम्पत्य जीवन में इन छःसालों में अधिक साथ नहीं रहे,परंतु तुम्हारे हौसले और जज्बातों की मैं दिल से कद्र करता हू्ँ।तुमने कभी कोई शिकवा शिकायत नहीं की।अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हो।अम्मा बाबा तो तुम्हारी तारीफ के पुल बाँधते नहीं थकते।सच कहूँ तो कभी कभी तुमसे जलन भी होतीं है कि जाने तुमनें कैसा जादू उन पर कर दिया है कि वे अपने बेटे को भी भूल गये हैं।तो गर्व भी होता है तुम पर।इसलिए तो सुकून से रह पाता हूँ कि उन्हें तुम्हें पाकर उन्हें खुशियाँ ही खुशियाँ मिली ।तुम्हारे रूप में वे बेटी के न होने का अहसास भूल गये।
अनेक बाधाओं के बावजूद तुमनें खुद को, बच्चों को ,माँ बाबा को संभाला है,उसके लिए आभार व्यक्त कर तुम्हारा अपमान नहीं करुंगा, पर सच मानों कि तुम्हें अपनीे जीवन संगिनी के रूप में पाकर मैं धन्य हो गया।
जीवन की बगिया में दो नन्हे फूल खिलाकर तुमने मेरे जीवन की बगिया को हराभर कर सुगंध से भर दिया है।
ऐसा लगता है कि इस जन्म में मैं तुम्हारा ऋण शायद ही उतार पाऊँगा।पर यह वादा है कि अगले जन्मों में तुम्हारा कर्जा नहीं रहने दूँगा।
तुम्हें पता है कि प्रेम पत्र जैसा कुछ लिख पाना मेरे वश का रोग नहीं है।और हाँ यह नहीं भूला हूँ कि दुश्मन का शीष लेकर ही अब लौटूँगा।हमारे साथी भी अब दुश्मन की कायराना हरकत से बहुत गुस्से में है।बस अब फिर कभी….।
मां बाबा को प्रणाम कहना, बच्चों को ढेर सारा प्यार,आशीर्वाद।
तुम्हें अपने दिल की गहराइयों में समेटने की कोशिश में तुम्हारा जन्म जन्मांतर का हम सफर…….।
आई लव यू। जय हिंद
◆सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.

©मौलिक, स्वरचित,


Related Posts

Special on National Anti-Terrorism Day 21st May 2023.

May 20, 2023

उड़ी बाबा ! आतंकवादी , नक्सलवादी हमला ! राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस 21 मई 2023 पर विशेष। राष्ट्रीय हित के

आदर्श कारागार अधिनियम 2023| Aadarsh karagar adhiniyam

May 19, 2023

अब बच के रहियो रे बाबा , अब लद गए जेल में भी सुखनंदन के दिन ! आदर्श कारागार अधिनियम

UN releases Global Economic Situation and Prospects report

May 18, 2023

संयुक्त राष्ट्र 2023 की मध्य तक वैश्विक आर्थिक स्थिति और संभावनाएं रिपोर्ट जारी भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक चमकता स्थान

International family day 15 may 2023

May 16, 2023

अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस 15 मई 2023 भारत में शिद्दत और सम्मान से मनाया गया विश्व में भारतीय परिवार जितनी पवित्रता,

गर्मी: आया मौसम हिट स्ट्रोक का

May 16, 2023

गर्मी: आया मौसम हिट स्ट्रोक का  गर्मी के मौसम में सामान्य रूप से गर्मी बढ़ जाती है। जिसके कारण आदमी

राजनीति का टर्निंग प्वाइंट| Turning point of politics

May 16, 2023

राजनीति का टर्निंग प्वाइंट सेवा और कल्याण की राजनीति से मिलता है वोट , पर्सेंट पोस्टर बैनर लगाने से नहीं?

PreviousNext

Leave a Comment