Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Nishkam karm by Anita Sharma

 निष्काम कर्म हम कर्म करें निषकर्म भाव से। हो सेवा निष्कर्म भावों की। न अपेक्षा रखे किसी से। न उपेक्षित …


 निष्काम कर्म

Nishkam karm by Anita Sharma

हम कर्म करें निषकर्म भाव से।

हो सेवा निष्कर्म भावों की।

न अपेक्षा रखे किसी से।

न उपेक्षित भाव मिले।

**** 

हो कर्म अपना मेहनत हो पूर्ण।

शान्ति मनो में हो और विश्वास प्रबल हो।

सहृदयी हृदय से निष्कर्म सेवा।

***

है जान तन में कर्मठ रहेंगे।

जीवन को अपने सार्थक करेंगे।

रहे सांस तन में निष्कर्म निष्ठा रहेगी।

***

संस्कार अपने सार्थक करेंगे।

हस्तान्तरित निष्कर्म निष्ठा करेंगे।

देगें भावी पीढ़ी को शिक्षा यही।

***

निष्ठा,परोपकार और निष्पक्ष सेवा।

कर्म का प्रारब्ध भविष्य उज्जवल बनेगा।

सत्कर्मों की ओर जाग्रत करगे।।

***

—–‘अनिता शर्मा झाँसी

—-‘मौलिक रचना


Related Posts

संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

November 27, 2021

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ.

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन

लोकतंत्र पर उल्लू हंसता- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 लोकतंत्र पर उल्लू हंसता कोई चैनल खोल के देखो, बड़े-बड़े दिग्गज लगते हैं, मानो उनका ज्ञान आंकना, जनता को बहुत

प्रधानमंत्री ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व ) मोदी जी पर कविता लिखना, बहुत सरल है सरलता उनकी, बाल काल से कर्मयोगी बन

कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं? पलायन करती हैं यहां से प्रतिभाएं, क्योंकि उनको सहेजने, प्रोत्साहित व सम्मानित करने के स्थान पर

खुद से ना दूर करो- अंकुर सिंह

November 24, 2021

 *खुद से ना दूर करो* रूठना हक तुम्हारा, मानना फर्ज हमारा।  माफ कर दो अबकी, बिन तुम्हारे मैं हारा।। तुम

Leave a Comment