Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

New india saksharta yojna

न्यू इंडिया साक्षरता योज़ना प्रौढ़ शिक्षा के लिए वित्त वर्ष 2022-27 के लिए एक नई योज़ना – प्रौढ़ शिक्षा का …


न्यू इंडिया साक्षरता योज़ना

New india saksharta yojna

प्रौढ़ शिक्षा के लिए वित्त वर्ष 2022-27 के लिए एक नई योज़ना – प्रौढ़ शिक्षा का नाम बदलकर सभी के लिए शिक्षा किया गया

सभी राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में 15 वर्ष और उससे ऊपर आयु के गैर साक्षर लोगों को कवर करने वित्त वर्ष 2022-27 के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का लक्ष्य सराहनीय – एड किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर किसी भी देश के तीव्रता से विकास करने के कारणों के मुख्य स्तंभों में से एक साक्षरता, शिक्षा का गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे, आधारभूत साक्षरता का महत्वपूर्ण रोल होता है जो, उच्च शिक्षा, उच्चतम शिक्षा की नींव होती हैं। अगर मनीषियों की बुनियादी शिक्षा गुणवत्ता पूर्ण है, आधारभूत साक्षरता उच्च स्तर की है, तो अपेक्षाकृत तीव्र और तत्परता से उस देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक सहित अनेक तकनीकों के विशेषज्ञ निकलते हैं जो तीव्रता से उस देश को विकास में आगे बढ़ाकर पूर्ण विकसित देश की श्रेणी में लाकर खड़ा करते हैं यह है गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा का कमाल!!!

साथियों बात अगर हम भारत की करें तो यह एक कृषि,गांव प्रधान देश है। अधिकतम आबादी गांव में रहती है, लेकिन भारत को शिक्षा का विस्तार और गुणवत्तापूर्ण ढांचे को दूर-दराज के गांव, इलाकों में पहुंचाने में समय की दरकार है जबकि शहरी क्षेत्रों में आधारभूत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आधारभूत ढांचे को तीव्रता से स्थापित करने में शासकीय प्रशासकीय स्तर पर तीव्रता से योजनाएं जारी है।
साथियों बात अगर हम ऐसे मनीषियों की करें जिनका शिक्षा का समय अपेक्षित था पर उम्र निकल गई है उन्हें शिक्षित करने साक्षरता अभियान की करें तो शिक्षा मंत्रालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि प्रौढ़ शिक्षा शब्दावली में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के सभी गैरसाक्षरों को उचित रूप से शामिल नहीं किया जा रहा है इसका संज्ञान लेकर अभी सरकार ने उस योजना का नाम बदलकर सभी के लिए शिक्षा रखा गया है, जो निर्णय एक प्रगतिशील कदम के रूप में है।
साथियों बात अगर हम दिनांक 16 फरवरी 2022 को मंजूरी दिए गए न्यू इंडिया साक्षरता कार्यक्रम योजना 2022 -27 की करें तो इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2021-22 के बजट की घोषणा के अनुसार वयस्क शिक्षा के सभी पहलुओं को कवर करने के लिए लाया गया है,ऐसा पीआईबी में कहा गया है।
साथियों बात अगर हम न्यू इंडिया साक्षरता कार्यक्रम योजना 2022-27 की विशेषताओं और इससे एक जनांदोलन के रूप में देखने की करें तो शिक्षा मंत्रालय की पीआईबी के अनुसार, योजना की मुख्य विशेषताएं-1)स्कूल इस योजना के क्रियान्वयन की इकाई होगा। 2) लाभार्थियों और स्वैच्छिक शिक्षकों (वीटी) का सर्वेक्षण करने के लिए उपयोग किए जाने वाले स्कूल। 3) विभिन्न आयु समूहों के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई जाएगी। नवोन्मेषी गतिविधियों को शुरू करने के लिए राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को लचीलापन प्रदान किया जाएगा। 4)15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के सभी गैर-साक्षर लोगों को महत्वपूर्ण जीवन कौशल के माध्यम से मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान की जाएगी।
5) योजना के व्यापक कवरेज के लिए प्रौढ़ शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग। 6)राज्य/केंद्रशासित प्रदेश और जिला स्तर के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) यूडीआईएसई पोर्टल के माध्यम से भौतिक और वित्तीय प्रगति दोनों के बीच संतुलन कायम करते हुए वार्षिक आधार पर योजना और उपलब्धियों को लागू करने के लिए राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन को दिखाएगा। 7) आईसीटी समर्थन, स्वयंसेवी सहायता प्रदान करने, शिक्षार्थियों के लिए सुविधा केंद्र खोलने और सेल फोन के रूप में आर्थिक रूप से कमजोर शिक्षार्थियों को आईटी पहुंच प्रदान करने के लिए सीएसआर/ परोपकारी सहायता प्रदान की जा सकती है।
8) साक्षरता में प्राथमिकता और पूर्ण साक्षरता – 15-35 आयु वर्ग को पहले पूर्ण रुप से साक्षर किया जाएगा और उसके बाद 35 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को साक्षर किया जाएगा। लड़कियों और महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ओबीसी/अल्पसंख्यकों, विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों (दिव्यांगजन), हाशिए वाले/घुमंतू/निर्माण श्रमिकों/मजदूरों/आदि श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो प्रौढ़ शिक्षा से पर्याप्त रूप से और तुरंत लाभ उठा सकते हैं। स्थान/क्षेत्र के संदर्भ में, नीति आयोग के तहत सभी आकांक्षी जिलों, राष्ट्रीय/राज्य औसत से कम साक्षरता दर वाले जिलों, 2011 की जनगणना के अनुसार 60 प्रतिशत से कम महिला साक्षरता दर वाले जिलों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अल्पसंख्यक की अधिक जनसंख्या, शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों/ब्लॉकों पर ध्यान दिया जाएगा।
साथियों बात अगर हम इस योजना को जनांदोलन के रूप में करें तो पीआईबी के अनुसार 1) जनांदोलन के रूप में एनआईएलपी-अ) यूडीआईएसई के तहत पंजीकृत लगभग 7 लाख स्कूलों के तीन करोड़ छात्र / बच्चे के साथ-साथ सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लगभग 50 लाख शिक्षक स्वयंसेवक के रूप में भाग लेंगे।
ब) शिक्षक शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों के अनुमानित 20 लाख छात्र स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय रूप से शामिल किए जाएंगे। क) पंचायती राज संस्थाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और नेहरू युवा केंद्संगठन, एनएसएस और एनसीसी के लगभग 50 लाख स्वयंसेवकों से सहायता प्राप्त की जाएगी।ड) स्वैच्छिकता के माध्यम से और विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से समुदाय की भागीदारी, परोपकारी / सीएसआर संगठनों की भागीदारी होगी। स) राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश विभिन्न मंचों के माध्यम से व्यक्तिगत/परिवार/गांव/जिले की सफलता की गाथाओं को बढ़ावा देंगे।ज) यह फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, टीवी चैनल, रेडियो आदि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, लोक और इंटर-पर्सनल प्लेटफॉर्म जैसे सभी प्रकार के मीडिया का उपयोग करेगा। 2) मोबाइल ऐप, ऑनलाइन सर्वेक्षण मॉड्यूल, भौतिक तथा वित्तीय मॉड्यूल एवं निगरानी संरचना आदि से लैस समेकित डेटा कैप्चरिंग के लिए एनआईसी द्वारा केंद्रीय पोर्टल विकसित किया जाएगा।
3) कार्यात्मक साक्षरता के लिए वास्तविक जीवन की सीख और कौशल को समझने के लिए वैज्ञानिक प्रारूप का उपयोग करके साक्षरता का आकलन किया जाएगा। मांग पर मूल्यांकन भी ओटीएलएएस के माध्यम से किया जाएगा और शिक्षार्थी को एनआईओएस तथा एनएलएमए द्वारा संयुक्त रूप से ई-हस्ताक्षरित ई-प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। 4)प्रत्येक राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश से चुने गए 500-1000 शिक्षार्थियों के नमूनों और परिणाम-उत्पादन निगरानी संरचना (ओओएमएफ) द्वारा सीखने के परिणामों का वार्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण।
साथियों बात अगर हम इस योजना के बजट और 15 वर्ष से ऊपर गैरसाक्षर मनीषियों की करें तो, नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का अनुमानित कुल परिव्यय 1037.90 करोड़ रुपये है, जिसमें वित्त वर्ष 2022-27 के लिए क्रमशः 700 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा और 337.90 करोड़ रुपये का राज्य हिस्सा शामिल है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में गैर-साक्ष्यों की कुल संख्या 25.76 करोड़ (पुरुष 9.08 करोड़, महिला 16.68 करोड़) है। 2009-10 से 2017-18 के दौरान साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत साक्षर के रूप में प्रमाणित व्यक्तियों की 7.64 करोड़ की प्रगति को ध्यान में रखते हुए, यह अनुमान लगाया गया है कि वर्तमान में भारत में लगभग 18.12 करोड़ वयस्क अभी भी गैर-साक्षर हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि न्यू इंडिया साक्षरता योजना प्रौढ़ शिक्षा के लिए वित्त वर्ष 2024-27 के लिए एक नई योजना लाई गई है,प्रौढ़ शिक्षा का नाम बदलकर सभी के लिए शिक्षा किया गया है तथा सभी राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में 15 वर्ष और उससे ऊपर आयु के गैरसाक्षर लोगों को कवर करने वित्त वर्ष 2022-27 के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता का लक्ष्य सराहनीय कार्य है।

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ 

एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Masoom sawal by Anita Sharma

November 12, 2021

 ” मासूम सवाल” एक तीन सवा तीन साल का चंचल बच्चा एकाएक खामोश रहने लगा….पर किसी ने देखा नही।उस छोटे

Prithvi ka bhavishya by Jayshree birmi

November 12, 2021

 पृथ्वी का भविष्य  हमारे पुराणों और ग्रंथों  में पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर जो भी प्रलय हुए हैं उसके बारे

Rastriye shiksha shadyantra ka shikar by satya prakash singh

November 10, 2021

राष्ट्रीय शिक्षा षड्यंत्र का शिकार भारत में राष्ट्रीय शिक्षा निम्न वर्ग के लिए अत्यंत महंगी होती जा रही है। भारत

Ek aur natwarlal by jayshree birmi

November 7, 2021

 एक और नटवरलाल  एक वो नटवरलाल था जिसमे ताज महल,सांसद भवन और न जाने क्या क्या बेच दिया था और

Deepak kranti ‘the real super hero award 2021’ se sammanit

November 7, 2021

 दीपक क्रांति, ‘द रियल सुपर हीरो अवॉर्ड-2021’ से सम्मानित 7 नवंबर,2021,झारखंड , एफ.एस.आई.ए.(फोरेवर स्टार इंडिया अवार्ड्स) के सी.ई.ओ. राजेश अग्रवाल

देश के युवाओं को एक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज की दिशा में प्रयास करने के लिए आगे आने की ज़रूरत

November 7, 2021

 देश के युवाओं को एक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज की दिशा में प्रयास करने के लिए आगे आने की ज़रूरत 

Leave a Comment