Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Murdo ki basti by R.S. meena

मुर्दों की बस्ती जुल्म करना तो यहाँ ,हैवानों की मस्ती हैं । मिटा दे खानदान को, वो बड़ी हस्ती हैं …


मुर्दों की बस्ती

Murdo ki basti by R.S. meena

जुल्म करना तो यहाँ ,हैवानों की मस्ती हैं ।

मिटा दे खानदान को, वो बड़ी हस्ती हैं ।।

चाहे जिसे मारे ,गरीबों की जान सस्ती हैं ।

हालत बड़ी खस्ती है ,यहाँ मुर्दों की बस्ती हैं ।।

ऐसे भी हैवान छुपे हैं जो वतन परस्ती हैं ।

माँ बहनों से आये दिन ,हो रही जबरदस्ती हैं ।।

किसे जगाऊँ सो रहे हैं सब,यही तो विपत्ती हैं ।

झूठ नहीं भर रत्ती हैं ,यहाँ मुर्दों की बस्ती हैं ।।

छुआछूत और जातिवाद, ये मानसिक विकृति हैं ।

किसी में कोंग्रेस बीजेपी, तो किसी में अंधभक्ति हैं ।।

खिलाफ जुल्म के कोई न बोले,ऐसी बनी प्रवर्ति हैं ।

हर झूठ के संग में हस्ती हैं, यहाँ मुर्दों की बस्ती हैं ।।

जीत सकते हैं हम भी,पास मेरे इक युक्ति हैं ।

मिलकर सब विरोध करो,संग़ठन में शक्ति हैं ।।

“स्वरूप” किसे समझाये,मारी गई सबकी मत्ती हैं ।

मझदार में मेरी कश्ती हैं, यहाँ मुर्दों की बस्ती हैं ।।

     === R.S.meena Indian✍️===


Related Posts

श्रमिक | kavita -shramik

श्रमिक | kavita -shramik

May 26, 2024

एक मई को जाना जाता,श्रमिक दिवस के नाम से श्रमिक अपना अधिकारसुरक्षित करना चाहते हैं ,इस दिन की पहचान से।कितनी मांगे रखते श्रमिक,अपनी- अपनी सरकार से।

सुंदर सी फुलवारी| Sundar si phulwari

सुंदर सी फुलवारी| Sundar si phulwari

May 26, 2024

सुंदर सी फुलवारी मां -पिता की दुनिया बच्चे हैं,बच्चों की दुनिया मात- पिता ।रिश्ते बदलें पल- पल में ,मां -पिता

बचपन| kavita-Bachpan

बचपन| kavita-Bachpan

May 26, 2024

बचपन हंसता खिलखिलाता बचपन,कितना मन को भाता है। पीछे मुड़कर देखूं और सोचूं, बचपन पंख लगा उड़ जाता है। बड़ी

आखा बीज | aakha beej

आखा बीज | aakha beej

May 26, 2024

आखा बीज भारत में कई राज्य हैं, उनमें राजस्थान है एक। राजस्थान में शहर बीकानेर, कहते हैं जिस को बीकाणा।

नये युग का निर्माण करो | naye yug ka nirmaan karo

नये युग का निर्माण करो | naye yug ka nirmaan karo

May 26, 2024

नये युग का निर्माण करो नारी तुम निर्मात्री हो, दो कुलों की भाग्य विधात्री हो। सृजन का है अधिकार तुम्हें,

Kavita – जीवन सुगम बना दो | Jeevan sugam bana do

Kavita – जीवन सुगम बना दो | Jeevan sugam bana do

May 26, 2024

जीवन सुगम बना दो मैं कुदरत का प्यारा पंछी हूं,तुम सब के बीच मैं रहता हूं। मेरी आंख के आंसू

Leave a Comment