Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Moolbhoot samasyaye vhi hai by Jitendra Kabir

 मूलभूत समस्याएं वही हैं एक वक्त का खाना  जैसे तैसे जुटाकर  दूसरे वक्त की चिंता जिस इंसान के दिमाग में …


 मूलभूत समस्याएं वही हैं

Moolbhoot samasyaye vhi hai by Jitendra Kabir

एक वक्त का खाना 

जैसे तैसे जुटाकर 

दूसरे वक्त की चिंता जिस इंसान के

दिमाग में घर कर जाती है,

उसके दिमाग में 

रोटी की समस्या बाकी सभी समस्याओं से

ऊपर स्थान पाती है

और दुनिया भर की तरक्की का

जमकर मुंह चिढ़ाती है।

एक बार अपनी जान

जैसे तैसे बचाकर

दूसरी बार जान बचाने की चिंता

जिस इंसान के

दिमाग में घर कर जाती है,

उसके दिमाग में अपना अस्तित्व 

बचाए रखने की चिंता बाकी सभी समस्याओं से

ऊपर स्थान पाती है

और दुनिया भर की इंसानियत का

जमकर मुंह चिढ़ाती है।

जिसे चिंता न हो पेट भरने की

और न ही अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए

किसी आततायी से लड़ने की,

उसके दिमाग में जरूरी-गैरजरूरी हर बात

समस्या बनकर कुलबुलाती है

और दुनिया भर के भूखों व शोषित लोगों का

जमकर मुंह चिढ़ाती हैं।

                                            जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

क्या गवायां हैं आज

February 7, 2022

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

February 7, 2022

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

February 7, 2022

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश

Leave a Comment