Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

mitrata by nandini laheja raipur chhattisgarh

मित्रता जन्म लेकर मानव इस सृष्टि में ,अनेकों रिश्ते पाता हैकई जन्म,कोई रक्त तो कोई धर्म के रिश्तों से जुड़ …


मित्रता

mitrata by nandini laheja raipur chhattisgarh

जन्म लेकर मानव इस सृष्टि में ,अनेकों रिश्ते पाता है
कई जन्म,कोई रक्त तो कोई धर्म के रिश्तों से जुड़ जाता है
इन सब रिश्तों के अलावा, हर इक के जीवन में,
इक प्यारा सा रिश्ता होता है
हर मोड़ पर जीवन के जो,तेरे काम सदैव आता
यही मित्रता का रिश्ता कहलाता है
दोस्ती का पावन रिश्ता जो,
धर्म,जाती, ऊंच,नीच अमीर,गरीब की परवाह नहीं करता
बस प्रेम और विश्वास की डोर से बंधा होता है
जिस इंसान के मित्र होते है, वह न कभी अकेले होते
मुश्किल की घड़ी गर कोई आ जाये, एकदूजे के लिए सदा होते
लड़ते झगड़ते फिर फिर मिल जाते,मन में होता प्रेम बड़ा
मित्रता का तो साक्षात् उदहारण प्रभु हमें दिखते कृष्णा और सुदामा का
पर यह न कभी भूलना मित्र मेरे,
जो तुझे गलत राह ले जाये,वह तेरा सच्चा मित्र नहीं,
इक दूजे को न कभी नीचा दिखाए है सच्चे मित्र तो बस वही

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

कविता-दर्द ने दस्तक दी

May 6, 2022

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस

PreviousNext

Leave a Comment