Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Meri pyari Bhasha Hindi by dr kamlendra kumar

 मेरी प्यारी भाषा हिन्दी                  हिन्दी है इक प्यारी भाषा ,     …


 मेरी प्यारी भाषा हिन्दी 

       

Meri pyari Bhasha Hindi by dr kamlendra kumar

        हिन्दी है इक प्यारी भाषा ,

           मेरे हिंदुस्तान की ।

          बड़ी सरल है मेरे बच्चों,

        भारत देश महान की ।।

        नजमा बोले ,राखी बोले ,

        और बोलते सुखविंदर ।

        जॉन ,पॉल,और मोहन बोले,

       भाषा बहुत है सुंदर ।।

       

      इतनी प्यारी हिन्दी भाषा,

        जन जन इसको बोले,

      मातृ भाषा भी है अपनी ,

     झूम झूम कर डोलें ।।

    सब जन मिलकर हिन्दी का ही

     हम परचम लहराएं ।

   हिन्दी है समृद्ध हमारी ,

   हिन्दी को अपनाएं ।।

     हिन्दी का वैशिष्ट्य अनूठा 

     बात समझ जब आएगी।

    पूर्ण विश्व मे उच्च पताका ,

  हिन्दी की लहराएगी ।।

डॉ कमलेंद्र कुमार श्रीवास्तव

राव गंज कालपी ,जालौन

उत्तर प्रदेश पिन 285204


Related Posts

नेताजी – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

नेताजी सुभाष चंद्र बोस तू ,गये तो गएभारत माँ के भाल, सजा के गएस्वर्णाक्षरों में नाम, लिखा के गएलाल थे

सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

सबसे ख़तरनाक जहर वो बहुत अच्छे से जानते हैंकि जहर की कितनी मात्रा रोज देने सेमर जाती हैं एक इंसान

ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों

भारत माता – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

भारत माता भारत जननी तू हो महानतूने जने हो वीर संतानसिर हिमालय की पायीचरणों को धोता सागर हैशेरों की है

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चतुर्भुज रूप में जन्म लियाअयोध्या को अनुराग दियामाँ कौशल्या के कहने परमूल रूप को त्याग दियाबाल्यकाल

जरा सोचो इंसान – मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

January 25, 2022

जरा सोचो इंसान अपनी जुबां से किसी को कभी ना सताना।मौत भी आकर कहे तो बहाना ये बनाना।।सम्भल कर कदम

Leave a Comment