Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Meri kalam kavita mainudeen kohari bikaneri

 *  मेरी कलम  * मेरी  कलम  दिखादे  तू  अपना  कमाल । रोटी मुझे  मिले  सदा हक़ – ओ – हलाल …


 *  मेरी कलम  *

Meri kalam kavita mainudeen  kohari bikaneri

मेरी  कलम  दिखादे  तू  अपना  कमाल ।

रोटी मुझे  मिले  सदा हक़ – ओ – हलाल ।।

मेरी कलम बन जाए मज़लूम की आवाज़  ।

फिर हर तरफ सुनाई  दे खुशियों  के साज़ ।।

मेरी  कलम  बन  जाए सब  जन की बफा  ।

जुल्म  जमाने  से  हो  जाए  रफा – दफा  ।।

जमाने मे  मेरी  कलम से  हो  जाए  अमन ।

इंसानियत की खुशबू  से महका  करे चमन ।।

मेरी  कलम बन  जाए  अवाम  की अज़ीज़  ।

फिर हक़ – ओ – बातिल की समझेंगे तमीज़।।

 ‘नाचीज’  झूठ – ओ – फरेब से  सदा  रह दूर  ।

हर तरफ चमकता  रहेगा तेरी  क़लम  का नूर ।।

                          *****

‘नाचीज़ बीकानेरी’ मो . 9680868028


Related Posts

Ab aur na aise satao sanam

February 14, 2021

poem जब से तुझ से  जुड़ा  फूल सा खिल  गया  सूखे  मधुबन में जैसे   कँवल   खिल  गया अकेले  पन  में 

Achhe din

February 8, 2021

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित 

Sach pagli hme tumhi se pyar hai

February 8, 2021

 कविता जब देखता हूं जिधर  देखता हूं  दिख  जाती  हो मोटे मोटे किताबों के काले काले शब्दों में दिख जाती

Har vade par asha kiya na kro

February 8, 2021

 ग़ज़ल हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो पराधीन    होकर     जिया      ना     करो लगी है

Peele Peele phoolon me ab jakar gungunana hai

February 8, 2021

 ग़ज़ल पीले पीले फूलों में अब जाकर गुनगुनाना हैरोने वाले को हंसाना है सोने वाले को जगाना है समय के

Zindagi me mere aana tera

February 6, 2021

 ग़ज़ल  ज़िन्दगी में मेरे आना तेरा प्यार हर पल मेरा, निभाना तेरा भूल जाऊं मैं कैसे तुझको सनम प्यार गंगा

Leave a Comment