Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki|मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की  खाई थी गहरी चोट घाव भी था …


Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki|मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की 

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki

खाई थी गहरी चोट
घाव भी था गहरा
फिर भी है मैंने कुरेदा
घाव बढ़ा, दर्द हुआ

किया राग फिर से
मोह ने बांधी पट्टी
हुआ मैं नेत्र विहीन
खोया मैं दिवास्वप्न में

फिर आया काल चक्र
खुली मोह की पट्टी
हुआ अंत: रुदन फिर से
हृदय ने सहा आघात,
दोष था बेहोश मन का
चुप रहा, देखता रहा खाली,

दिल ने उफ्फ तक ना की
रोया, हुआ बेचैन बस खाली,
कोने में पड़ा धड़कता रहा
घाव को चुपचाप भरता गया
हाँ! मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की |


Related Posts

Bhut yad aate ho tum by vijay Lakshmi Pandey

July 23, 2021

 शीर्षक : बहुत याद आते हो “तुम”…!!! ऊँची -ऊँची इमारतें …! शहरों की चहल -पहल , महंगी गाड़ियों की रेलम-रेल

Barish kavita by abhijeet anand bihar

July 23, 2021

शीर्षक – “बारिश”  आज धरा की गुहार है रंग लाई, नीले नभ में घनघोर बदरी छाई, प्रकृति की छटा मनमोहक

Daya kavita by anup kumar verma

July 23, 2021

 शीर्षक – दया  दया धर्म और प्रेम का, रखे नित हम ध्यान।  दया हृदय में रखिए, करे नहीं अभिमान।। करे

Talash kavita by Kalpana kumari Patna

July 23, 2021

 स्वरचित कविता तलाश ——– जाने कैसी डोर बंधी है, चाहूं भी तो छोड़ सकूं ना, मेरे हृदय के तार हो

swarg kavita by anita sharma jhasi

July 23, 2021

स्वर्ग सुकर्म को चुनो है अब,    मनःशान्ति सुख मिलता।       स्वर्ग सा आनंद धरा में मिलता,  

chhoti behna kavita by Anita Sharma jhasi

July 23, 2021

 छोटी बहिना एक डाली के फूल थे हम ,     कितने बसंत साथ जिये।         हर

Leave a Comment