Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki|मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की  खाई थी गहरी चोट घाव भी था …


Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki|मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की 

Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki

खाई थी गहरी चोट
घाव भी था गहरा
फिर भी है मैंने कुरेदा
घाव बढ़ा, दर्द हुआ

किया राग फिर से
मोह ने बांधी पट्टी
हुआ मैं नेत्र विहीन
खोया मैं दिवास्वप्न में

फिर आया काल चक्र
खुली मोह की पट्टी
हुआ अंत: रुदन फिर से
हृदय ने सहा आघात,
दोष था बेहोश मन का
चुप रहा, देखता रहा खाली,

दिल ने उफ्फ तक ना की
रोया, हुआ बेचैन बस खाली,
कोने में पड़ा धड़कता रहा
घाव को चुपचाप भरता गया
हाँ! मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की |


Related Posts

कलियुग का रामराज्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

कलियुग का रामराज्य शालीनता भगवान राम का गुण थालेकिन उनकी धरती पर रामराज्यसोशल मीडिया पर दिन-रात गंदी अश्लील गालियांबकने वाले

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

February 24, 2022

तुम्हारा प्रेम मेरी दुनिया है तुम्हारा प्रेम…मेरे लिए पुल सरीखा है,जिस पर चलकरनिकल जाता हूं मैं अक्सरखोजने प्रेम के गहनतम

करे कोई और भरे को- जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

करे कोई और भरे को खूब मुनाफा कमायाजिन लोगों नेअंधाधुंध खनन करकेनदियों और पहाड़ों में,इसके कारण हुएप्रकृति के कोप से

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

February 24, 2022

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई

कविता मैं बहुत खुश था

February 24, 2022

कवितामैं बहुत खुश था मैं बहुत ख़ुश था जब मेरे माता-पिता बहन हयात थे मुझे कोई फ़िक्र जिम्मेदारी चिंता नहीं

Sundar bachpan Raunak Agrawal

February 17, 2022

सुंदर बचपन !! सोनी सी मुस्कान है वो, हर माँ की जान है वो !!ये बच्चे मन के सच्चे,थोड़े कच्चे

Leave a Comment