Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Meghmala kavita by dr. H.K Mishra

 मेघमाला आते जाते देखा है अपनो को , सुख दुख को देखा जीवन में , राह नया कुछ रचती चल …


 मेघमाला

Meghmala kavita by dr. H.K Mishra

आते जाते देखा है अपनो को ,

सुख दुख को देखा जीवन में ,

राह नया कुछ रचती चल ,

सुख दुख में साथ निभाती है ।

मेरे जीवन के समतल में ,

छंद नया कुछ गाती है  ।।

नैतिकता की बात कहां है,

कभी नहीं अपनाई जिसने ,

आज चले हो ज्ञान बांटने ,

कौन इसे स्वीकार करेगा ?

आत्ममंथन थोड़ा सा कर लो,

नैतिकता का पाठ  गहन है ,

थोड़ा भी संस्कार बचा  गर ,

चल दुखियों के पास खड़ा हो।  ।।

कहते सदा समाजसेवी हैं ,

कितने को तूने मदद किया है।?

स्वार्थ सदा देखा है जिसने ,

सबसे ऊंचा बनता अपने।  ।।

पेट सदा भरते हो अपने,

अपनी चिंता सदा किए हो,

कहते हो हम नेता अच्छे,

डूबे हुए दिखते कुकर्म में। ।।

अंदर बाहर स भीभी जगह ,

मन मंदिर में रहती हो,

पूजा अर्चन में लग जाता,

काश हमें मिल जाती तुम ।।

मेरा तेरा प्रेम था कैसा,

बांट बांट कर खाने का,

और इसे थोड़ा सा ले लो,

इक कौर बढ़ाया करते थे  ।।

कहां गया है प्रेम हमारा,

छोड़ अधूरे जीवन को ,

क्या जीना आसान रहेगा,

बहुत कठिन यह जीवन है।   ।।

बिना साथ सब कुछ है सूना,

कोई नहीं अब अपना है ,

स्वप्नमई जीवन को जीना ,

लगता है उधार किसी का  ।।

उमड़ रहा है प्रेम तुम्हारा,

बादल भी हैं  उमड़ रहे ,

मेघमाला बन मंडराते हैं ,

यह माला किसको मैं दूं   ?  ।।

मेघदूत से कहूं मैं कैसे,

संदेशा भेजूं मैं तुझको,

अपनी पीड़ा बांट न पाया,

बहुत-बहुत प्रतीक्षा तेरी  ।।

मौलिक कृति

                    डॉ हरे कृष्ण मिश्र

                     बोकारो स्टील सिटी

                      झारखंड ।।


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment