Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

Mata-pita par kavita

माता-पिता में ही ईश्वर अल समाया है माता-पिता में ही ईश्वर अल् समाया है हजारों पुण्य फल माता-पिता सेवा में …


माता-पिता में ही ईश्वर अल समाया है

Mata-pita par kavita

माता-पिता में ही ईश्वर अल् समाया है
हजारों पुण्य फल माता-पिता सेवा में समाया है
सारे एरोथ बार के समान
माता पिता की सेवा एक बार है

माता पिता मेरे ईश्वर अल्लाह
यही जमीन मेरी और आकाश हैं
वह स्वयं मेंरे और भगवान हैं
माता पिता के चरणों में सारा जहां है

माता-पिता हर घर की शान है
उनका सब कुछ क्षम्य है
माता पिता है तो समाज में नाम है
हमारे लिए वह मनुष्य नहीं ईश्वर अल्लाह है

माता-पिता से ही मेरी पहचान है
दुनिया में बस यह दोनों ही महान
को मुझे कुछ नहीं चाहिए यह मेरे सब कुछ है मैं वे मुझसे
बहुत खुश हैं

जानवर से भी बदतर है जिसने
माता-पिता की
अनदेखी करने वाले हैं जिनके ऊपर
अभी भी माता-पिता दृष्टि मान है

ईश्वर अल्ला से विनती मेरी है
माता पिता के साथ स्थिर रखना मेरे पल
समय का चक्र है पर दो अचल
माता पिता के चरणों में रखना ना निकलूं आज ना कल

लेखक के बारे में

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया

April 27, 2022

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया भारत का बौद्धिक संपदा में हर साल बेहतर प्रदर्शन हो रहा है

दुनियां का मंच – भारत सरपंच

April 27, 2022

दुनियां का मंच – भारत सरपंच भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा

पत्रकारिता एक मिशन

April 27, 2022

पत्रकारिता एक मिशन लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करने एक स्वतंत्र, बंधन मुक्त, मज़बूत और जीवंत मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान

बुलडोज़र पर घमासान!!

April 27, 2022

बुलडोज़र पर घमासान!! बुलडोज़र पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

Leave a Comment