Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Mat banto Insan by indu kumari

 मत बाँटो इंसान मंदिर- मस्जिद गिरजाघर ने बाँट दिया भगवान     को मंदिर बाँटी मस्जिद बाँटी मत बाँटो  इंसान    …


 मत बाँटो इंसान

Mat banto Insan by  indu kumari

मंदिर- मस्जिद गिरजाघर ने

बाँट दिया भगवान     को

मंदिर बाँटी मस्जिद बाँटी

मत बाँटो  इंसान       को

इंसानों की है इंसानियत

हैवानों की है हैवानियत

बेटा बाँटा बेटी   बाँटी

बाँट दिया परिवार को

नकारात्मक सोच वालों ने

बाँटा सारा जहान    को

धरती बाँटी अंबर बांटे

 मत बाँटो इंसान    को

धर्म बाँटे रीति रिवाज बाँटे

बाँट दिया माँ  बाप    को

लहू का रंग एक है सबमें

मत बाँटो इंसान      को। 

स्व रचित

            डॉ. इन्दु कुमारी 

मधेपुरा बिहार


Related Posts

फर्ज/farz

August 11, 2022

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी

भाई बहन का रिश्ता!

August 11, 2022

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो

उड़े तिरंगा बीच नभ

August 11, 2022

उड़े तिरंगा बीच नभ आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।। नहीं तिरंगा झुक

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment