Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

Masoom sawal by Anita Sharma

 ” मासूम सवाल” एक तीन सवा तीन साल का चंचल बच्चा एकाएक खामोश रहने लगा….पर किसी ने देखा नही।उस छोटे …


 ” मासूम सवाल”

Masoom sawal by Anita Sharma
एक तीन सवा तीन साल का चंचल बच्चा एकाएक खामोश रहने लगा….पर किसी ने देखा नही।उस छोटे से बच्चे के अंदर कितना उथल-पुथल चल रहा…डाक्टर तो बोले थे सुबह पापा बात करेगें?ठीक हो जाएंगे….फिर पापा कहाँ गये?घर क्यों नहीं आते?

भगवान जी के पास गये तो वापस क्यों नहीं आते?सब तो दिखते हैं पर पापा…..?

वही चंचल बच्चा एकाएक अंतर्मुखी हो गया….एकदम चुप ,अपने में खोया।बच्चों के साथ भी नहीं खेलता….स्कूल घर और एक नीले रंग की साइकिल !जिससे घर के आसपास एक चक्कर लगा आता।कभी-कभी चित्र बनाने बैठ जाता जो उसे अपने पापा से विरासत में मिला था।पर वह बेखबर था इस बात से।हाँ गाने को सुनने के बाद गाना उसे अच्छा लगता था धीरे धीरे वो बहुत अच्छा गाने लगा …..ये भी तो विरासत में मिला था ,उस बच्चे के पिता बहुत अच्छा गाते थे और बाँसुरी बजाने थे।एक-एक विरासत आत्मसात होती रही।धीरे-धीरे वो बच्चा बड़ा होने लगा और पढ़ाई में अव्वल साथ साथ अभिनय स्कूल कॉलेज के ड्रामा शो में।वहां भी डान्स गाने और साथ ही साथ कविता!अरे हाँ वो बहुत अच्छी अभिव्यक्ति के साथ कविता भी लिखने पढ़ने लगा जो सब विरासत में पापा से पाया था।

कैसे हस्तांतरित होते हैं संस्कार पिताजी से बच्चे में देखकर हदप्रद रह जाती।

एक और भावुकता का गुण भी पापा का आया।आज वो बच्चा एकदम पापा के समान दिखता है।एमफिल कर लेक्चरर है।नाम है राधाकृष्ण उर्फ सोनू।उसके प्यारे से दो बेटे हैं।बड़ा बेटा एकदम सोनू के जैसा ही पढ़ने में,संगीत खेल कूद,गाने भाषण में।दसवीं में अखबार में अव्वल आने पर नाम भी आ चुका है।

बहुत सलीके से जीवन जिया सोनू ने कभी भटका नहीं राह से।उसके आदर्श रहे उसके बड़े पापा।पापा के बड़े भाई।उन्होंने बहुत प्यार से संभाला अपने छोटे भाई के परिवार को।

आज सोनू का एक सपना पूरा हुआ…..तीन मंजिला बिल्डिंग बनाकर पापा के नाम “बद्री- धाम” रखा।

ऊपरी मंजिल पर अपना बहुत प्यारा घर बनाया है।

वही बच्चा आज बड़ा हो गया अपने सपनों को साकार किया।।

—अनिता शर्मा झाँसी
—-मौलिक रचना


Related Posts

पितृ पक्ष – श्राद्ध 2022

September 13, 2022

 पितृ पक्ष – श्राद्ध 2022  श्रद्धया इदं श्राद्धम्‌ मान्यता है पितृपक्ष में यमराज पितरों को अपने परिजनों से मिलने 15

इंसानियत को शर्मसार करती एक धांधली

September 13, 2022

इंसानियत को शर्मसार करती एक धांधली Pic credit -freepik.com बैचेन मन इतना दु:ख से भरा की लिखना भी चाहूं पीड़ा

सच्चाई

September 13, 2022

सच्चाई हम सब बहुत से दिनों को बड़े ही प्रेम से मनातें हैं,जैसे फ्रेंडशिप डे,मदर्स डे,फादर्स डे ,टीचर्स डे,और न

क्या खेल में जीतना ही सब कुछ है और सभी का अंत है?

September 11, 2022

 क्या खेल में जीतना ही सब कुछ है और सभी का अंत है? खेलों में बढ़ते दुर्व्यवहार और असहिष्णुता के

12 सितंबर – दादा-दादी दिवस

September 11, 2022

 (12 सितंबर – दादा-दादी दिवस) दादा-दादी की भव्यता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। दादा-दादी बच्चों के

गायों की हो रही है दुर्दशा

September 9, 2022

 गायों की हो रही है दुर्दशा भारतीय संस्कृति में जिस गाय को ‘मां’ की संज्ञा दी गई है, उसका ऐसा

Leave a Comment