Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Mansik shanti ke upay by Jitendra Kabir

 मानसिक शांति के उपाय मानसिक शांति के लिए करके देखें यह कुछ एक उपाय, समय दें उस शख्स को जो …


 मानसिक शांति के उपाय

Mansik shanti ke upay by Jitendra Kabir

मानसिक शांति के लिए

करके देखें

यह कुछ एक उपाय,

समय दें उस शख्स को

जो है अपने पास में,

जो नहीं अपने पास

उसको सोचते रहने के बजाय।

संतुष्ट रहें उतनी धन-संपत्ति से

जितनी है अपने पास में,

दूसरों की धन-संपत्ति देख

देखकर व्याकुल होने के बजाय।

अपनी इच्छाओं को पूरा करने की

कोशिश करें अपने दम पर,

दूसरों पर उन्हें पूरा करने की

कोई आस रखने के बजाय।

सामने वाले की मन:स्थिति और

परिस्थितियों के बारे में 

विचार करें हमेशा ठंडे दिमाग से,

तुरंत ही उसके बारे में कोई

धारणा बनाने के बजाय।

तोल-मोल कर बोलें हमेशा

चाहे अपनें हों कोई 

या फिर कोई हों पराए,

सिर्फ गप्प-बाजी के लिए ही

किसी की पीठ पीछे निंदा

करने में न जुट जाएं।

अपने रोजमर्रा के कार्यों से

समय निकालकर अपनी

पसंदीदा किसी रचनात्मक 

गतिविधि में समय लगाएं,

यूं ही फालतू में बेकार की बातों की

चिंता करने के बजाय।

                        जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment