Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Man ki bat by Anita Sharma

 “मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था …


 “मन की बात”

Man ki bat by Anita Sharma

मन की बातें मन में ही रखती है नारी।

बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये।

कब सोचा था नारी ने ऐसा….

बंधकर निज स्वतंत्रता खो देगी?

परिवार की बेड़ी में बंधकर.रोज रोज मरती है।

निज अश्रु के घूँट पीकर भी तो वह हंसती है।

सबकी ख्वाहिश पूरी करते स्वयं अधूरी रहती है।

कब तक समाज जागृत होगा?

कब जीवन जिये निजता का?

कौन समझता उसकी खुशियों को?

कौन नारी के मन को समझेगा?

बड़े-छोटो को समर्पित उसका जीवन।

मोम सी नित्य पिघल रही है नारी।

नित्य भीतर जल रही धधकती।

बाहर से मुस्कुरा जीती है।

नारी को समझेगा कब संसार?

—अनिता शर्मा झाँसी
—मौलिक रचना


Related Posts

शक्ति का झूठा दंभ

June 24, 2022

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या

यह कैसा समाज?

June 24, 2022

 यह कैसा समाज? जितेन्द्र ‘कबीर’ हत्यारों से.. पशुओं को बचाने की खातिर रक्षक दल हमने लिए बनाए, मगर अफसोस दरिंदों

कैसे एतबार करें किसी का

June 24, 2022

 कैसे एतबार करें किसी का जितेन्द्र ‘कबीर’ हर इंसान खुद को सच्चा बताता है यहां, एतबार कर लें  कैसे हम

सवाल और जवाब

June 24, 2022

 सवाल और जवाब जितेन्द्र ‘कबीर’ सवाल! बिगड़ती कानून व्यवस्था का हो या फिर उन्मादी भीड़ हिंसा का, विवादास्पद कानूनों का

कौन है अच्छा इंसान?

June 24, 2022

 कौन है अच्छा इंसान? जितेन्द्र ‘कबीर’ एक अच्छा इंसान नहीं टालता किसी का कहना, मान लेता है सबकी बात बिना

जो कम लोग देख पाते हैं

June 24, 2022

 जो कम लोग देख पाते हैं जितेन्द्र ‘कबीर’ आग लगाई गई… ज्यादातर लोगों ने उसमे जलती देखी गाड़ियां, भवन और

PreviousNext

Leave a Comment