Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

laghukatha, story

Mamta laghukatha by Anita Sharma

 ममता सविता का विवाह मात्र तेरह वर्ष की अल्प आयु में हो गया था।वो एक मालगुजार परिवार की लाडली सबसे …


 ममता

Mamta laghukatha by Anita Sharma

सविता का विवाह मात्र तेरह वर्ष की अल्प आयु में हो गया था।वो एक मालगुजार परिवार की लाडली सबसे बड़ी बेटी थी जो लाड प्यार में पली बढ़ी थी ।अचानक एक नया माहौल में ब्याही ।खैर स्वभावतः शान्त कम बोलने वाली थी,पर गजब की कर्मठ और धैर्यवान।विवाह के छः वर्ष बात उसकी गोद में नन्हीं सी परी आ गई जो गुड़िया/सोना प्यार से बुलाते।समय के साथ दिन गुजरे और तीन सुन्दर सी बेटियों की माँ और दो बेटों की माँ बनी।समय पंख फैलाकर उड़ता गया।सभी पढ़ लिख कर बड़े हुए और समय के साथ विवाह उपरांत अपने अपने परिवार में मस्त हो गये।

समय ने करवट बदली और सविता की छोटी बेटी को कैन्सर हो गया सब सदमें में डर डर कर जीने लगे ।खैर दिन बीते और नौ साल बाद छोटे दामाद को ब्लड कैंसर से मृत्यु होने के बाद अंदर तक टूट गयी पर उसने अपना दुख पी लिया।पति एकाएक कमजोर हो गये पर उनकी सेवा और देखभाल में कोई कमी नहीं आने दी पर विधाता को कुछ और ही मंजूर था दामाद के नौ महीने में पति भी चल बसे सविता भीतर ही भीतर टूट गयी बीमारी से लड़ रही बेटी के लिए प्रार्थना करती पर…..वो भी नौ महीने में चल बसी।सविता चुप चाप रहने लगी।सविता को छोटे बेटे से बहुत मोह था शायद आर्थिक रूप से कमजोर होना शायद वजह रही हो,उसने पैन्शन से उसके परिवार की हर जरूरत पूरी की पर. ..  एक सुबह उसे सीने में दर्द उठा और इत्तिफाक छोटा बेटा वहीं उसी के पास था उसे दर्द का पता चल गया वह दवा लेने गया पर सभी दुकानें बंद।शायद सीधे अस्पताल ले गया होगा तो सविता जिन्दा होती।जबकि चंद कदमों की दूरी पर था हार्ट का हास्पिटल ।एक मूर्खता कही जाये या अकर्मण्यता उस दर्द में सविता को अकेला छोड़कर गया कैसे?परिवार के और लोग भी थे उनको आवाज़ दे सकता था?बहरहाल सविता की छोटी बहिन जो उसकी देवरानी थी ,अचानक आई और अपनी दोनो बहुओ बेटों के साथ अस्पताल ले गयी पर तब तक देर हो चुकी थी सविता बहन की बहु के हाथों में दम तोड़ चुकी थी 

     क्या सविता के छोटे बेटे को अपनी माँ को दर्द में अकेले छोड़कर जाना उचित था??

   —–अनिता शर्मा झाँसी

—-मौलिक रचना


Related Posts

Nath ka wajan kahani by Jayshree birmi

October 5, 2021

 कहानी नथ का वजन पूर्व भारत के कोई प्रांत की बात सुनी थी, जहां बहु की नथनी का वजन परिवार की

dosh kiska laghukatha by Sudhir Srivastava

October 5, 2021

 लघुकथादोष किसका?(सत्य घटना पर आधारित)       आज रमा को अपनी भूल का बहुत पछतावा हो रहा था।आज रह

Parivartit swaroop by Kanchan Sukla

October 1, 2021

 परिवर्तित स्वरूप सोलह साल, कक्षा नौ की छात्रा लवलीन को, कमरे में रोता देख मम्मी ने, तुरंत वहाँ जाना उचित

Rishton ki dhundh story by Jayshree birmi

September 22, 2021

 रिश्तों की धुंध जब नियति को पता चला कि आज उसका पति कोई और स्त्री के साथ देखा गया हैं

Aap ke liye laghukatha by Sudhir Srivastava

September 21, 2021

 लघुकथा आपके लिए            रीमा ससुराल से विदा होकर पहली बार मायके आयी।मांँ बाप भाई बहन

Chot laghukatha by Akanksha Rai

September 15, 2021

 चोट प्रोफेसर राय को उनकी कृति ‘स्त्री:तेरी कहानी’ के लिए आज सम्मानित किया जाना था।प्रोफेसर कालोनी से लगभग सभी उनके

Leave a Comment