Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

makar sankranti par kavita

मकर संक्रांति रवि जब धनु की राशि से मकर राशि में जाता है,ये परिवर्तन सूर्य का ही उत्तर अयन कहलाता …


मकर संक्रांति

makar sankranti par kavita

रवि जब धनु की राशि से मकर राशि में जाता है,
ये परिवर्तन सूर्य का ही उत्तर अयन कहलाता है।
हर्षोल्लास दसों दिशा में प्रकृति तब फैलाती है,
शुभ कार्य पुनः कर भारत मकर संक्रांति पर्व मनाता है !!

उत्तरायण हो सूर्य आज से मास छहों तक चलता है,
तिल तिल बढता दिवस देख जग तिल संक्रांत भी कहता है।
नहीं पतंग उडाने का दिन, ना तिल खाना कारण है,
शीत में तिल का सेवन जग में परंपरा से चलता है!!

जैन धर्म में संक्रांति की अद्भुत गौरव गाथा है,
जिस अनुसार रवि चक्री महल से सीधा गमन मिलाता है,
प्रथम चक्रवर्ती भरतेश्वर दृष्टि क्षयोपशम के द्वारा
सूर्य थित अकृत्रिम चैत्य दर्श पा अहोभाग मनाता है!!

इसी महत्व से जैन भक्त देव दर्शन पूजन दिवस मनाते हैं,
महाभिषेक भावों से जिन प्रतिमा पे जल की धारा चढाते हैं,
किए सभी पापों का मन से आज विसर्जन करते हैं,
जिन दर्शन पूजन चार दान दे अपना भाग जगाते हैं!!

भारती संस्कृति में उल्लेख पतंग का मिलता कहीं नहीं,
हिंसा जन्य तजो मांझा जीवों की हिंसा सही नहीं,
पशु पक्षी इंसां संग इसमें उलझ मर जाते हैं,
अपने प्रमाद हेतु औरों के दुख का आलम्बन सही नहीं!!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

शिव वंदना महाशिवरात्रि विशेष

December 17, 2022

शिव वंदना महाशिवरात्रि विशेष जय हो देवों के देव, प्रणाम तुम्हे है महादेव।हाथ में डमरू, कंठ भुजंगा,प्रणाम तुम्हे शिव पार्वती

गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा

December 17, 2022

 गणतंत्र दिवस पर कविता –तिरंगा तिरंगा है हमारी जान, कहलाता देश की शान। तीन रंगों से बना तिरंगा, बढ़ता हम

Saraswati vandana basant panchami special

December 17, 2022

सरस्वती वंदना बसंत पंचमी विशेष हे विद्यादायिनी ! हे हंसवाहिनी ! करो अपनी कृपा अपरम्पार।हे ज्ञानदायिनी ! हे वीणावादिनी !बुद्धि

Maa-ki-mamta-par-kavita

December 17, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है कोई करता कोई नहीं

Pita ke pyar par kavita

December 17, 2022

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ

Tumse hai hausala

December 17, 2022

 तुमसे है हौंसला  ढलती हुई किसी शाम मेंमेरे कांधे पर अपना सर रखेबैठी हो तुम जब,तुम्हारी पलकें आंसुओं से भीगी

PreviousNext

Leave a Comment