Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Mahila sashaktikaran by priya gaud

 महिला सशक्तिकरण महिलाओं के सशक्त होने की किसी एक परिभाषा को निश्चित मान लेना सही नही होगा और ये बात …


 महिला सशक्तिकरण

Mahila sashaktikaran by priya gaud

महिलाओं के सशक्त होने की किसी एक परिभाषा को निश्चित मान लेना सही नही होगा और ये बात सही साबित करने के लिए सबसे पहले ये मानना होगा कि मात्र बाहर काम करना ही सशक्तिकरण का द्योतक नही हो सकता है अगर आपके बाहर काम करते हुए भी आपका कोई शोषण कर रहा हो तो ये हम अपने एक सशक्त महिला होने के पैमाने पर खरे  उतरे नही कह सकते  । 

किसी महिला का सशक्त और दृढ़ इच्छाशक्ति के होने के लिए उसका संकल्प और ख़ुद के लिए प्रेम भी उतना ही मायने रखता है । एक दृढ़ संकल्प महिला कभी पुरुषों को खींचकर पीछे करने में यकीन नही रखती बल्कि खुद को स्थापित और पुरुषों के बराबर का सम्मान पाने का हक़ रखती है । आज की महिला बराबर और समानता का अधिकार चाहती है न कि लेडीज फर्स्ट का लॉलीपॉप पकड़ कर  संतुष्ट हो जाती है जो उसे कमतर और कमजोर समझ कर पकड़ा दी जाती है।

आज ऐसा कोई भी क्षेत्र नही है जहां महिलाएं डॉक्टर , इंजीनियर ,टीचर , ऑफिसर , पार्लियामेंट, सिनेमा , रेडियो जॉकी या एक साधारण महिला जो अपने रोजमर्रा के काम से आसान और सुगम करती है अपने परिवार की  जिंदगी । वो करती है काम 24 घण्टे बिना किसी श्रम धन के  ।

वो भी देश हित मे अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराते हुए महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण देती है ।

आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाएं लगातार चढ़ रही हैं समानता और अपने अधिकारों की सीढ़ियां । निभा रही है हर क्षेत्र में अपनी एक अहम भूमिका । निकल रही हैं अपने लौ लश्कर के साथ करने खुद को स्थापित जो अब तक चुप चाप रच रही थी हमारे और आपके लिए सूंदर दुनिया …

सशक्तिकरण का रूप इतना व्यापक और विस्तृत है कि इसे हर महिला के नजरिए से देखना और समझना होगा।

आज पुरुषों का सहयोग छोड़ साथ चाहिए जो पुरूष आज निभा रहा है अपने साथ से कर रहा है हर उसकी महिला के अधिकारों का सम्मान जो उसका हक़ है …..

@प्रिया गौड़


Related Posts

जलते है केवल पुतले, रावण बढ़ते जा रहे ?

October 4, 2022

जलते है केवल पुतले, रावण बढ़ते जा रहे ? दशहरे पर रावण का दहन एक ट्रेंड बन गया है। लोग

आओ कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल और उन्हें प्यार करें

October 3, 2022

आओ कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल और उन्हें प्यार करें पशुओं के दर्द और पीड़ा को संवेदनशीलता से

क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है

October 3, 2022

 “क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है” सफ़ाई के मामले में हमारा देश विदेश की

कवि वास्तविक दुनिया का आईना रखते हैं।

October 3, 2022

 कवि वास्तविक दुनिया का आईना रखते हैं। कविता एक राजनीतिक कार्य है क्योंकि इसमें सच बोलना शामिल है। कवियों की

रासायनिक उर्वरकों को कम करें, धरती के घाव भरें

October 3, 2022

 रासायनिक उर्वरकों को कम करें, धरती के घाव भरें कीटनाशकों को सब्जी पर लगाया जाता है जो सीधे मानव या

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2022 पर विशेष/mahatma gandhi jayanti vishesh

October 1, 2022

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2022 पर विशेष आओ सत्य अहिंसा शांति और धर्मनिरपेक्षता में दृढ़ विश्वास बढ़ाएं 2

Leave a Comment