Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

Mahgayi ritu by Jayshree birmi

 महंगाई ऋतु यह तक कि सरकार गिर जाए इतनी ताकत रखती हैं महंगा ऋतु।  ये वो ऋतु हैं जो हर …


 महंगाई ऋतु

Mahgayi ritu by Jayshree birmi

यह तक कि सरकार गिर जाए इतनी ताकत रखती हैं महंगा ऋतु।

 ये वो ऋतु हैं जो हर युग को दुःख ग्रस्त रखती हैं।

 खास कर करोना के बाद तो खूब महंगाई बढ़ी हैं,सभी उद्योग जो काफी समय तक लोकडाउन में बंद रहे और बाद में कम मांग की वजह से घाटा कर रहे थे जो आज अपनी कंपनी को मुनाफे में लाने के लिए किमते बढ़ा दी हैं तो महंगा तो लगेगा ही।

पहले मजदूर भी सस्ते में काम करते थे और आज तीन से चार गुनी मजदूरी देते है हम।आज जितने पेंशन मिलती हैं उतनी तो तनख्वाह भी नहीं मिलती थी उस जमाने में,तो कैसे कहें कि महंगाई बढ़ रही हैं।

 आज पेट्रोल के भाव भी बढ़े हुए हैं किंतु उस जमाने में पेट्रोल के भाव का पता आम आदमी को था ही नहीं,क्योंकि गाड़ियां गिनती की थी और उन्ही को भाव का पता होता था, न ही पेट्रोल की मांग थी उतनी और न ही कीमत ज्यादा होती थी।आज एक सामान्य आदमी भी कोई न कोई वाहन चलाता हैं,चाहे चार चक्री या द्वि चक्री ,जब आप कोई भी चीज की मांग बढ़ा रहे हो तो उसकी कीमत कैसे नही बढ़ेगी यह तो कोई अर्थशास्त्री ही बता पाएं शायद।

  अगर महंगाई बढ़ानी नहीं हैं तो उद्योगपतियों या सरकारों को दोष देने की बजाय अपनी जरूरतों को कम करे,उनका उपयोग करें व्यय न करें ,तब जाके आपको सही कीमत पर समान उपलब्ध हो सकता हैं।

 सभी ऋतु आयेगी जायेगी किंतु महंगाई ऋतु को तो खुद ही त्याग करके भेज सकते हैं।सरफे से उपयोग करने से व्यय नहीं या कम करना सीखना पड़ेगा।अगर हम कुदरती संसाधनों का भी उपयोग सोच समझ कर नहीं करेंगे तब उनके खत्म होने का खतरा बढ़ जायेगा तो देश ही नहीं दुनियां के लोगो में जागरूकता आना जरूरी हैं,एक ग्लोबल जागरूकता लाने के लिए कुछ तो कदम उठाने ही पडेंगे।प्रकृति की रक्षा भी करनी पड़ेगी वरना कुछ चीजे तो पैसे देते हुए भी उपलब्ध नहीं होगी।तो एक ही बात हैं महंगाई को वश में रखना है तो एक आयोजन पूर्वक जीवन शैली की जरूरत हैं,सारी दुनियां को।

जयश्री बिरमी

निवृत्त शिक्षिका

अहमदाबाद


Related Posts

बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन

January 13, 2023

 बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन।।     जीवन में सफल होने के

शिक्षा मानव बौद्धिक क्षमता का विकास करने की प्राथमिक सीढ़ी का प्रथम पहिया है

January 13, 2023

शिक्षा मानव बौद्धिक क्षमता का विकास करने की प्राथमिक सीढ़ी का प्रथम पहिया है शिक्षा और ज्ञान न्यायपूर्ण और प्रगतिशील

कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर

January 12, 2023

कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर जोशीमठ की स्थिति यह एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है कि लोग पर्यावरण के

बस तुम हो, इससे विशेष जीवन में और क्या हो सकता है

January 11, 2023

बस तुम हो, इससे विशेष जीवन में और क्या हो सकता है कहते हैं कि मीठा झगड़ा तो हर कपल

स्वार्थों के लिए मनुवाद का राग

January 9, 2023

स्वार्थों के लिए मनुवाद का राग मनुस्मृति या भारतीय धर्मग्रंथों को मौलिक रूप में और उसके सही भाव को समझकर

आओ कुदरती संसाधनों से छेड़छाड़ रोकने का संकल्प करें

January 9, 2023

 आओ कुदरती संसाधनों से छेड़छाड़ रोकने का संकल्प करें  जोशीमठ के अस्तित्व पर संकट – कुदरत की कराई या फ़िर

PreviousNext

Leave a Comment