Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

mahgayi ka ilaaj by Jitendra Kabir

 मंहगाई का इलाज ऐसा नहीं है कि उन्हें सस्ती मिल रही हैं सब्जियां और घर के राशन का  सारा सामान, …


 मंहगाई का इलाज

mahgayi ka ilaaj by Jitendra Kabir

ऐसा नहीं है कि

उन्हें सस्ती मिल रही हैं सब्जियां

और घर के राशन का 

सारा सामान,

ऐसा भी नहीं कि

पैट्रोल, डीजल और रसोई गैस में

मिल रहा हो उन्हें

अलग से कोई अनुदान,

बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं 

और खराब सड़कों की कीमत

वो भी चुकाते हैं 

देकर अपनी जान,

रोजमर्रा के उपभोग की 

हर वस्तु के दाम में बढ़ोतरी ने

कर रखा है

उनका भी जीना हराम,

लेकिन आम जनता से इतर

मंहगाई से परेशान होने के बजाय

सरकारों के कट्टर समर्थक

मंहगाई से अपना ध्यान 

हटाने के लिए

विपक्षियों की आलोचना करने पर

ज्यादा लगाते हैं ध्यान,

देश खतरे में है,

धर्म व संस्कृति खतरे में है –

के नारे जोर-शोर से लगाकर भी

उनकी तड़पती आत्मा को

मिल जाता है काफी हद तक आराम,

वैसे अगर देश की समस्त जनता चाहे

तो वो भी कर सकती है

उनके तरीकों को अपनाकर

अपनी सब समस्याओं का निदान,

लेकिन उससे पहले सबको करना होगा

धर्म,जाति, वर्ण व्यवस्था,अंधविश्वास

और नफरत की अफीम का अनुपान,

इस मार्ग पर चलने से ही बनेगा

अपना देश महान।

                               जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार

February 24, 2022

शहीदों के वैलेंटाइन डे। वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं पर कारवां कुछऐसे कर जाते हैंमानस पटल पर छविअंकित हो

बसंत की बहार-डॉ इंदु कुमारी

February 24, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

मेरे जीवन रथ का सारथी

February 24, 2022

मेरे जीवन रथ का सारथी कुछ भी नहीं समझ आता थादुनियां के रंगों मेंकौनसा रंग था जो भाएगा या सजेगा

महापुरुषों का नाम भुना लिया हैै-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

महापुरुषों का नाम भुना लिया है वक्त गुजरने के साथसच्ची, सरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया

दोगला व्यवहार-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

दोगला व्यवहार गायों से नहीं चाहे हमने बछड़ेऔर स्त्रियों से लड़कियां,दोनों के प्रति हमारे समाज काअघोषित सा दुराव रहा है,

मेरा प्यार आया है-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 24, 2022

मेरा प्यार आया है भटका हूं तेरी तलाश में बहुतमिले हो अब तो मुझमें ठहराव आया है,करने दे थोड़ा आरामअपनी

Leave a Comment