Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Madhur sangeet bina ka by Dr. H.K. Mishra

 मधुर संगीत वीणा का तेरी वीणा की मधुर ध्वनि, मां सदा भाव भर देती है, अंधकार भरे अंतर उर में, …


 मधुर संगीत वीणा का

Madhur sangeet bina ka by Dr. H.K. Mishra

तेरी वीणा की मधुर ध्वनि,

मां सदा भाव भर देती है,

अंधकार भरे अंतर उर में,

सौभाग्य तुम्हीं भर देती है। ।।

ध्वनि तुम्हारी मन वीणा को,

झंकृत सदा कर देती है ,

गाने को मन विहव्ल होता,

छंद नए बन जाते हैं ।।

तेरा आशीष सदा मुझको,

मिलता आया जीवन में ,

आराधन के शब्द मिले हैं,

तेरे चरणों के नीचे  ।।

क्या गांऊ क्या बांधू उर में ,

ललक बहुत बढ़ जाती है ,

तेरी ध्वनित वीणा के नीचे,

अपना जीवन दिखता है  ।।

मधुर संगीत वीणा का ,

तेरा आशीष विद्या का ,

मिला मेरे ही जीवन में ,

बहुत उपकार है तेरा   ।।

धरा पर ज्ञान की माता ,

हमारी भारती माता ,

सदा उर बासनी मेरी,

बहाती ज्ञान की गंगा  ।।

वंदना के स्वर तुम ही हो,

हर छंदों के बंद्य तुम ही हो,

नारद की वीणा के स्वर तू,

मां बसी हुई मेरे  कंठों में  ।।

चल गाऊं तेरे  चरणों में ,

गीत नए जो अपने मन के,

धन्य धरा तू करती आई ,

मधुर गीत मां वीणा  से  ।।

शब्दों का कुछ ज्ञान मिला ,

मां तेरे स्वर चरणों  में ,

बहता निर्झर गायन करता,

मां महिमा तेरी गोदी  में  ।।

आराधन का आशीष मुझे दो,

स्वर मुझको मां अपना दो ,

जीवन के हर दर्द हमारे ,

मां के चरणों में अर्पित हो  ।।

मौलिक रचना

                    डॉ हरे कृष्ण मिश्र

                     बोकारो स्टील सिटी

                       झारखंड ।


Related Posts

व्यवधान- सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 17, 2021

व्यवधान व्यवधान अनेकों जीवन मेंरह-रह कर उपजा करते हैंहम मन को थोड़ा समझाते हैंऔर वक़्त से सुलहा करते हैं तनिक

महँगाई – डॉ. इन्दु कुमारी

December 17, 2021

महँगाई पर्याप्त नहीं है कमाई कमर तोड़ दी महँगाईजनता कर रही है त्राहिसुन लो सुनो रे मेरे भाई । चलें

प्रेरणा- अनीता शर्मा

December 16, 2021

प्रेरणा! मेरे जीवन की प्रेरणा स्रोत है आपका आशीर्वाद! हर पल राह दिखाई सच्ची,हर पल साथ तुम्हारा था! जब-जब मैं

इस दौर की नई बात- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

इस दौर की नई बात क्रांति की नींव माने जाने वाले आंदोलनऔर विरोध प्रदर्शनषड़यंत्र माने जाते रहें हैंहमेशा सेसरकारों के

गन्दा खेल- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

गन्दा खेल वोट तन्त्र में जनता के विचारों की रेलकुछ को पहुंचाती हैराजगद्दी परऔर कुछ को पहुंचादेती है सीधा जेल,

राष्ट्र की नारी – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

राष्ट्र की नारी साधारण -सी हूँ नारी भारत माँ की प्यारीराष्ट्र की राज दुलारीगाँधीजी के पदचिन्होंअहिंसा की हूँ पूजारी रश्मिरथी

Leave a Comment