Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Maa siddhidatri by Sudhir Srivastava

 माँ सिद्धिदात्री नवम रुप माँ जगदम्बे का माँ सिद्धिदात्री कहलाती है, शंख, चक्र,गदा, कमल मैय्या धारण करती है। कमल आसन …


 माँ सिद्धिदात्री

Maa siddhidatri by Sudhir Srivastava

नवम रुप माँ जगदम्बे का

माँ सिद्धिदात्री कहलाती है,

शंख, चक्र,गदा, कमल

मैय्या धारण करती है।

कमल आसन पर विराजित माँ

कमलासनी भी कहलाती हैं,

सिंहवाहिनी मैय्या मेरी

सबको बहुत सुहाती है।

इनकी पूजा से भोले ने भी

सिद्धियाँ बड़ी प्राप्त किये,

सर्वसिद्धियाँ मिलती उसको

जो सिद्धिदात्री का ध्यान करे।

चर्तुभुजी माँ सिद्धिदात्री

सब मिल माँ का पूजन,ध्यान करें,

अष्टसिद्धि देने वाली माँ के

चरणों में हम सब शीष धरें।

✍ सुधीर श्रीवास्तव
      गोण्डा(उ.प्र.)
     8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

कविता– उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !

September 22, 2022

कविता- उस दिन ” दशरथ केदारी ” भी मरा था !  उस दिन बहुत गहमागहमी थी  जब एक हास्य कलाकार

सोच को संकुचित होने से बचाएं।

September 21, 2022

सोच को संकुचित होने से बचाएं। अपनी सोच को संकुचित ना होने दें,इस अपार समझ को कभी ना खोने दें,असीम

मेरी दर्द ए कहानी

September 19, 2022

मेरी दर्द ए कहानी ना हो कभी किसी की भी मेरी तरह जिंदगानीना हो कभी किसी कीमेरी तरह आंखों में

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं

September 17, 2022

कविता-सहज़ता में संस्कार उगते हैं अपने आपको सहज़ता से जोड़ो सहज़ता में संस्कार उगते हैं सौद्राहता प्रेम वात्सल्य पनपता है

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया

September 17, 2022

कविता-भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया भ्रष्टाचार करके परिवार को पढ़ाया टेबल के नीचे पैसे लेकर परिवार बढ़ाया कितना भी समेट

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी

September 17, 2022

कविता-भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती हैसमय आने पर मां रणचंडी दुर्गा,

PreviousNext

Leave a Comment