Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Maa mujhe na mar by mainudeen kohri

 माँ मुझे ना मार माँ, मैं भी कुल का मान बढाऊँगी । माँ ,मैं भी रिश्तों के बाग सजाऊंगी।। माँ,मुझे …


 माँ मुझे ना मार

Maa mujhe na mar by  mainudeen kohri

माँ, मैं भी कुल का मान बढाऊँगी ।

माँ ,मैं भी रिश्तों के बाग सजाऊंगी।।

माँ,मुझे कोख में हरगिज न मारना।

माँ, मैं भी तेरी परछाई बन जाऊँगी ।।

माँ, क्या मैं कोख में अपनी मर्जी से आई ।

तुमसे जुदा करने वालों से तो जरा पूछ ।।

घनघोर- घटा बिन, कब बिजली चमके।

माँ ,ये कोख से जुदा करने वालों से पूछ।।

माँ, मैं जब तेरी कोख में समायी ।

क्या दोष है मेरा, ये तो बता माँ।।

सूरज निकले बिन कब होता है सवेरा।

रात होने पर ही अंधेरा होता है , माँ।।

माँ, मेरी किस्मत तो मैं साथ लेकर आई।

मैं जग में तेरी परछाई बन जी लुंगी ।।

ना करना, कभी मुझे तूँ मारने का पाप।

आने दे मुझे जग में ,तेरा दूध ना लजाउंगी।।

बेटे – बेटी में ना करो तुम अब अन्तर ।

भैया के राखी मैं ही आकर बांधूंगी ।।

माँ ,ये बात दादा – दादी को तुम बतलाना ।

माँ , मैं राष्ट्र – समाज को दिशा दिखाउंगी ।।

👍👍👍

मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी “

मो -9680868028


Related Posts

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

March 25, 2022

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए

कविता -मां की ममता

March 25, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है, कोई करता कोई नहीं मां

भाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान

March 25, 2022

कविताभाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहन करने बहुभाषावाद को बढ़ावा देने एक भारत श्रेष्ठ भारत का प्रसार करने

सुकूँ चाहता है-सिद्धार्थ गोरखपुरी

March 25, 2022

सुकूँ चाहता है ठिकाना बदलना जो तूँ चाहता है जमाने से क्या तूँ सुकूँ चाहता है?जमाना बुरा है तूँ कहता

नारी- डॉ. इन्दु कुमारी

March 25, 2022

नारी क्या है तेरी लाचारी क्यों बनती तू बेचारीरिश्तो को निभाती आईजैसे बदन को ढकती साड़ीनारी !नारी!!ओ नारीस्व को मिटाने

ईमानदारी कविता -जयश्री बिरमी

February 24, 2022

ईमानदारी कहां कहां ढूंढू तुझे बता दे जराढूंढा तुझे गांव गांव और गली गलीढूंढने के लिए तुझे मैं तो शहर

Leave a Comment